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CM ग्राम गाड़ी योजना: ऑपरेटरों को आकर्षित करने के लिए कई संशोधनों को मंजूरी, झारखंड कैबिनेट ने लिए कई फैसले

Wed, 18 Oct 2023 10:36 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

Rural Transport Scheme: सरकार ने ऑपरेटरों को अधिक राहत और लाभ देने का फैसला किया है, जिसमें अतिरिक्त वित्तीय सहायता, बैठने की क्षमता बढ़ाने की अनुमति और योजना के तहत यात्री वाहनों के लिए मार्ग की लंबाई में विस्तार शामिल है।
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झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन - फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
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झारखंड कैबिनेट ने ग्रामीण परिवहन योजना 'मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना' (एमएमजीजीवाई) के क्रियान्वयन के लिए निजी ऑपरेटरों को आकर्षित करने के लिए कई संशोधनों को मंजूरी दे दी। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। 

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अधिकारी ने कहा कि सरकार ने ऑपरेटरों को अधिक राहत और लाभ देने का फैसला किया है, जिसमें अतिरिक्त वित्तीय सहायता, बैठने की क्षमता बढ़ाने की अनुमति और योजना के तहत यात्री वाहनों के लिए मार्ग की लंबाई में विस्तार शामिल है।

झारखंड की कैबिनेट सचिव वंदना डाडेल ने कहा, 'योजना के तहत ऐसे वाहनों के लिए बैठने की क्षमता पहले के 33 से बढ़ाकर 42 कर दी गई है। सरकार ने वाहनों को उनकी बैठने की क्षमता के अनुसार प्रति किलोमीटर वित्तीय सहायता प्रदान करने का भी फैसला लिया।'

उन्होंने कहा, 7 से 12 के बीच बैठने की क्षमता वाले वाहनों को 7.5 रुपये प्रति किलोमीटर, 13 से 24 सीट की क्षमता वाले वाहनों को 10.5 रुपये प्रति किलोमीटर, 25 से 32 के बीच की क्षमता वाले वाहनों को 14.5 रुपये प्रति किलोमीटर और 33 से 42 के बीच की क्षमता वाले वाहनों को 18 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से वित्तीय सहायता मिलेगी।   

डाडेल ने कहा कि योजना के तहत मार्ग दूरी में भी संशोधन किया गया है। अब, अधिकतम मार्ग की लंबाई 125 किमी होगी, जो पहले 70 किमी थी। सरकार इस योजना के तहत नए वाहनों की खरीद के लिए सब्सिडी भी प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा रोड टैक्स, परमिट आवेदन शुल्क, पंजीकरण शुल्क और फिटनेस शुल्क पर पूर्व में प्रस्तावित छूट जारी रहेगी।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ग्रामीण प्रखंडों को अनुमंडल और फिर जिला मुख्यालय से जोड़ने की योजना को अक्तूबर 2022 में मंजूरी दी थी, ताकि दूरदराज के गांवों में रहने वाले लोगों को सुलभ परिवहन व्यवस्था मिल सके। इस योजना के तहत पहले चरण में 250 वाहनों का संचालन किया जाएगा। वरिष्ठ नागरिकों, स्कूल और कॉलेज के छात्रों, शारीरिक रूप से विकलांग, एचआईवी पॉजिटिव, विधवाओं और झारखंड आंदोलन के कार्यकर्ताओं को बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी।

हालांकि, निजी ऑपरेटरों ने परियोजना में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई और इसे 'व्यवहारिक नहीं' बताया। झारखंड के परिवहन सचिव कृपानंद झा ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि परिचालक अब इसे व्यवहार्य पाएंगे और यह सफल होगा। संशोधनों के बाद ऑपरेटरों को उनकी ईंधन लागत पर लगभग 75 फीसदी सब्सिडी मिलेगी। वे 30 फीसदी सीटों की लागत भी वसूल करने में सक्षम होंगे, जो उन्हें विभिन्न श्रेणी के लोगों को मुफ्त में देने की आवश्यकता है।
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कैबिनेट ने एक साल के लिए ट्रेजरी बिल में पेंशन फंड (राज्य का हिस्सा) के निवेश के प्रस्ताव सहित 29 एजेंडों को मंजूरी दी। कैबिनेट ने राज्य विश्वविद्यालयों, संबद्ध कॉलेजों और उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग के कार्यालयों में डिग्री और डिप्लोमा-धारक छात्रों के लिए एक साल के प्रशिक्षु प्रशिक्षण के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।
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