झारखंड में लोहरदगा जिले के हिरही गांव में रामनवमी के जुलूस के दौरान दो समूहों के बीच हुए हमले और उसके बाद फैली हिंसा में स्लीपर सेल के शामिल होने का संदेह जताया है। लोहरदगा के उप-मंडल अधिकारी (एसडीओ) अरविंद कुमार लाल ने इसकी जानकारी दी, साथ ही लोगों से अफवाहों से गुमराह न होने की अपील की।
बहकावे में न आएं लोग
उन्होंने बताया कि स्लीपर सेल समाज में अलग-अलग तरह से शांति भंग करने का प्रयास करते हैं। साथ बताया कि जिले के लोगों से अपील की है कि वे किसी के बहकावे में न आएं और अफवाहों पर विश्वास न करें। हमें जिले और राज्य की बेहतरी के लिए धर्म से ऊपर उठकर शांति बनाए रखनी चाहिए।
एसडीओ अरविंद कुमार लाल ने आगे कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जिले में सांप्रदायिक सौहार्द रहा है, हालांकि हाल ही में स्लीपर सेल सामने आए हैं जो जगह के सद्भाव को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही बताया कि इस तरह की हिंसा अचानक नहीं हो सकती बल्कि इसकी पूरी योजना बनाई गई।
इससे साफ होता है कि इसके पीछे बाहरी ताकतें हैं और घटनाओं को अंजाम दे रही हैं। इसकी जांच की जा रही है। लोहरदगा में विशेष रूप से हिंसा प्रभावित क्षेत्र में भारी बल की तैनाती की गई थी। गौरतलब है कि रविवार को हुई झड़प के तुरंत बाद हिरही गांव में धारा 144 लागू कर दी गई थी
दरअसल, रामनवमी के दिन झारखंड के लोहरदगा जिले के सदर थाना क्षेत्र के हिरही भोक्ता बगीचा के पास शोभायात्रा पर इस वर्ष पुनः कथित तौर पर दूसरे संप्रदाय के लोगों ने न सिर्फ जमकर पथराव किया, बल्कि जुलूस में शामिल लोगों पर हमले भी किए, जिससे दर्जनों लोग घायल हो गए थे। इनमें से एक की बाद में मौत हो गई थी। रविवार को भड़की हिंसा के दौरान कई वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया गया।