टाटा स्टील जमशेदपुर में पर्यावरण-अनुकूल उत्पादन और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए 11,000 करोड़ रुपये का भारी निवेश कर रही है। इस निवेश का मुख्य मकसद वर्ष 2045 तक शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करना है। कंपनी 1,800 एकड़ में फैले अपने मूल संयंत्र में 11 मिलियन टन स्टील का उत्पादन कर रही है, जहां सीधे विस्तार के बजाय डाउनस्ट्रीम परियोजनाओं और आधुनिकीकरण पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
कोयले की खपत में 30 से 40 प्रतिशत की कमी
ग्रीन स्टील तकनीक के तहत हिसारना और ईजीमेल्ट परियोजनाओं में कंपनी करीब 7,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। इससे कोयले की खपत में 30 से 40 प्रतिशत की कमी आएगी और कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में 50 से 80 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज होगी। इसके अलावा टिनप्लेट विस्तार परियोजना पर 2,600 करोड़ रुपये और कॉम्बी मिल में 1,100 से 1,500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। संयंत्र संचालन, सुरक्षा और उत्पादन बढ़ाने के लिए 860 से अधिक एआई मॉडल और 300 से अधिक एआई एजेंट तैनात किए गए हैं, जिसके लिए कंपनी ने गूगल क्लाउड के साथ साझेदारी की है।
सामाजिक उत्तरदायित्व पहलों में 473 करोड़ रुपये का निवेश
कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पहलों में 473 करोड़ रुपये का निवेश किया, जिससे 69 लाख से अधिक लोग लाभान्वित हुए। पिछले पांच वर्षों में कंपनी का संचयी निवेश 2,500 करोड़ रुपये से अधिक रहा है। मानसी प्लस कार्यक्रम ने 3.1 लाख से अधिक महिलाओं, बच्चों और किशोरों तक पहुंच बनाकर उच्च जोखिम वाले स्वास्थ्य मामलों में 94 प्रतिशत समाधान दर प्राप्त की। शिक्षा के क्षेत्र में कंपनी ने 5,800 से अधिक ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः मुख्यधारा से जोड़ा और संवाद कार्यक्रम से 167 जनजातियों को जोड़कर 88 बौद्धिक संपदाओं का समर्थन किया।
रोबोटिक्स, एआई और ऑटोमेशन में कुशल कार्यबल की नर्सरी
जमशेदपुर अब रोबोटिक्स, एआई और ऑटोमेशन में कुशल कार्यबल तैयार करने की नर्सरी बन रहा है, जहां एनआईटी, एक्सएलआरआई, एनटीटीएफ और टाटा मोटर्स जैसे संस्थान युवाओं को प्रशिक्षित कर रहे हैं। जुलाई 2026 की जिला शिक्षा प्रणाली प्रदर्शन समीक्षा में पूर्वी सिंहभूम 76.38 अंकों के साथ झारखंड के 24 जिलों में शीर्ष स्थान पर रहा।
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सांस्कृतिक मोर्चे पर, रविराज मुर्मू द्वारा निर्देशित संताली लघु फिल्म 'आंगेन' (इनविजिबल) ने 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में गैर-फीचर श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ पदार्पण निर्देशक का पुरस्कार जीता। इस शहर का औद्योगिक सफर 1907 में 2.13 करोड़ रुपये के प्रारंभिक निवेश से शुरू हुआ था। वर्ष 1911 में पहला ब्लास्ट फर्नेस स्थापित होने के बाद 1912 में पहला स्टील इंगट बना और 1919 में साकची का नाम बदलकर जमशेदपुर रखा गया।