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झारखंड: सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन को बड़ी राहत, संविदा भार 21 एमवीए से घटाकर 750 केवीए करने की मंजूरी

Sat, 10 Oct 2026 02:33 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग ने सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड को बड़ी राहत देते हुए गेतलसूद बांध के जलाशय पर स्थित 100 मेगावाट क्षमता के तैरते सौर ऊर्जा संयंत्र का संविदा भार 21 एमवीए से घटाकर 750 केवीए करने की अनुमति दे दी है।
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झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग ने सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड को बड़ी राहत देते हुए उसके संविदा भार में कटौती की याचिका स्वीकार कर ली है। आयोग के अध्यक्ष जस्टिस नवनीत और सदस्य (विधि) महेंद्र प्रसाद की खंडपीठ ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी किया है। इसके तहत कंपनी को गेतलसूद बांध के जलाशय पर स्थित अपने 100 मेगावाट क्षमता के तैरते सौर ऊर्जा संयंत्र का संविदा भार 21 एमवीए से घटाकर 750 केवीए करने की अनुमति मिल गई है। आयोग के इस फैसले से कंपनी को प्रशासनिक और वित्तीय स्तर पर राहत मिलने की उम्मीद है।

100 मेगावाट की सौर परियोजना के लिए हुआ था समझौता

झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड और सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के बीच रांची स्थित गेतलसूद बांध के जलाशय पर 100 मेगावाट क्षमता की तैरती सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित करने के लिए समझौता हुआ था। इस परियोजना से उत्पादित बिजली की निकासी सुनिश्चित करने के लिए सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ने अपने वित्तीय संसाधनों से करीब 14 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर 132 केवी क्षमता की समर्पित संचरण लाइन का निर्माण कराया था।

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शुरुआत में बिजली वितरण निगम ने उच्च तनाव (एचटी) श्रेणी के तहत कंपनी के लिए 21 एमवीए का संविदा भार स्वीकृत किया था। इसके अनुरूप कंपनी ने निर्धारित सुरक्षा राशि भी बिजली निगम के पास जमा कराई थी। हालांकि, सौर ऊर्जा संयंत्र का परिचालन शुरू होने के बाद आंतरिक सहायक खपत के लिए केवल 750 केवीए भार की आवश्यकता सामने आई। इसी व्यावहारिक और तकनीकी जरूरत को आधार बनाकर सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ने राज्य विद्युत नियामक आयोग में याचिका दायर की थी। कंपनी ने संविदा भार को 21 एमवीए से घटाकर 750 केवीए करने की अनुमति मांगी थी, जिसे अब आयोग ने स्वीकार कर लिया है।

आयोग की अधिसूचना में सहायक खपत की सीमा 0.75 प्रतिशत

राज्य विद्युत नियामक आयोग ने 9 अगस्त 2025 को जारी अधिसूचना संख्या 112 के माध्यम से तैरती सौर ऊर्जा परियोजनाओं में अधिकतम सहायक बिजली खपत की सीमा 0.75 प्रतिशत निर्धारित की थी। सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन के 100 मेगावाट क्षमता वाले संयंत्र के लिए इस सीमा के आधार पर गणना करने पर सहायक खपत 750 केवीए बैठती है। आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि 750 केवीए का निर्धारित भार आयोग के तय मानकों के अनुरूप है। कंपनी ने अपने खर्च पर 132 केवी की संचरण लाइन बनाई है। तकनीकी सीमाओं के कारण 132 केवी से कम वोल्टेज स्तर पर बिजली लेना संभव नहीं होने के आधार पर आयोग ने विद्युत आपूर्ति संहिता, 2015 के नियम 4.7 के तहत विशेष अनुमति प्रदान की है।

वोल्टेज छूट का दावा नहीं करेगी कंपनी

आयोग ने संविदा भार में कटौती की अनुमति देने के साथ कुछ शर्तें भी तय की हैं। सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ने आयोग के समक्ष लिखित वचन दिया है कि 132 केवी वोल्टेज स्तर पर लगातार बिजली आपूर्ति मिलने के बावजूद वह भविष्य में किसी भी प्रकार की वोल्टेज छूट का दावा नहीं करेगी।
संयंत्र की आंतरिक सहायक बिजली खपत का हिसाब बिजली खरीद समझौते के नियम 6.5 के प्रावधानों के अनुसार उत्पादित कुल बिजली इकाइयों के मुकाबले नेट मीटरिंग पद्धति से किया जाएगा। इसके अलावा, रिएक्टिव पावर चार्ट के तहत देय भुगतानों का निपटारा भी निर्धारित नियमों के अनुसार करना होगा।

30 दिन में अनुबंध में संशोधन करने का निर्देश

राज्य विद्युत नियामक आयोग ने झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड को निर्देश दिया है कि आदेश की प्रति मिलने के 30 दिनों के भीतर सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन के साथ जारी अनुबंध और सेवा कनेक्शन से जुड़े दस्तावेजों में आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया पूरी की जाए।

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आयोग के इस आदेश के बाद कंपनी के संविदा भार में तत्काल प्रभाव से कटौती लागू होगी। इससे संयंत्र की वास्तविक सहायक बिजली जरूरत के अनुरूप संविदा भार निर्धारित हो सकेगा।

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