सार
Jharkhand News: रांची में बढ़ते स्ट्रीट फूड वेंडरों के कारण युवाओं की सेहत पर खतरा बढ़ रहा है। अस्वच्छता और घटिया गुणवत्ता के कारण फूड पॉइजनिंग व संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं। प्रशासन निगरानी की बात कर रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कमी दिख रही है। पढ़ें पूरी खबर...
रांची शहर में तेजी से बढ़ रहे स्ट्रीट फूड कल्चर ने खासकर युवाओं और छात्रों की सेहत को लेकर चिंता बढ़ा दी है। रांची के विभिन्न बाजारों और सड़कों के किनारे अब एक हजार से अधिक फूड वेंडर सक्रिय हैं। शाम होते ही इन ठेलों पर भीड़ उमड़ पड़ती है, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल होते हैं।
कम कीमत में मिल रहे फास्ट फूड
कम कीमत और आसानी से उपलब्ध होने के कारण फास्ट फूड, विशेष रूप से चाइनीज व्यंजन, युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो गए हैं। लेकिन इन खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कई वेंडर खुले में खाद्य सामग्री रखते हैं, साफ-सफाई के नियमों का पालन नहीं करते और संदिग्ध पानी का इस्तेमाल करते हैं, जिससे स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ जाता है।
संक्रमण और फूड पॉइजनिंग जैसी बीमारियां बढ़ने का खतरा
डॉ. प्रभात कुमार, सिविल सर्जन, सदर अस्पताल रांची, के अनुसार अस्वच्छ वातावरण में तैयार भोजन से पेट संबंधी बीमारियां, संक्रमण और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने लोगों से सावधानी बरतने और सुरक्षित भोजन करने की अपील की है। वहीं, खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि वेंडरों की समय-समय पर जांच की जाती है और बिना लाइसेंस चलने वाले प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, जमीनी स्तर पर निगरानी की कमी साफ नजर आती है।
ये भी पढ़ें-
Bihar News: तीन साल से फेल हो रहा MBBS छात्र बना सॉल्वर गैंग का मास्टरमाइंड, कई राज्यों में फैला नेटवर्क
शहर के प्रमुख इलाके- अलबर्ट एक्का चौक, मोरहाबादी मैदान, डोरंडा चौक, बिरसा चौक, पिस्का मोड़ और रातू रोड स्ट्रीट फूड के बड़े केंद्र बन चुके हैं। ऐसे में प्रशासन के साथ-साथ लोगों को भी अपनी सेहत को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।