फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jharkhand: दिल्ली में नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन का आगाज, झारखंड की पहचान पर क्या बोले सीएम सोरेन?

Wed, 08 Jul 2026 08:01 PM IST
राँची ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

रोहतास के ओझा बीघा गांव में बंधक युवक को छुड़ाने पहुंची पुलिस की गाड़ी एक घर की दीवार से टकरा गई। हादसे में भाजपा नेता अजय ओझा के पिता समेत दो लोग घायल हुए। शराब पीने के आरोप पर आठ पुलिसकर्मियों के ब्लड सैंपल लिए गए।

विज्ञापन
सेमिनार का उद्घाटन करते सीएम हेमंत सोरेन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

झारखंड सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी, उद्योग एवं पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन का मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुभारंभ किया। कार्यक्रम के पहले दिन सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस और भविष्य की तकनीकों पर व्यापक मंथन हुआ। इसमें देश-विदेश के उद्योग जगत, आईटी कंपनियों, नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों और तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड की पहचान अब केवल खनिज संपदा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि राज्य को ज्ञान और नवाचार की शक्ति के रूप में भी स्थापित करना होगा। उन्होंने कहा, झारखंड की पहचान केवल माइंस से नहीं, बल्कि माइंड्स से भी होनी चाहिए। रिसोर्स के साथ रिसर्च, एक्सट्रैक्शन के साथ इनोवेशन और ग्रोथ के साथ समावेशी विकास हमारी प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड देश के औद्योगिक विकास का महत्वपूर्ण केंद्र है और भविष्य की अर्थव्यवस्था में अपनी मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए राज्य तकनीक आधारित विकास मॉडल पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक के समन्वय को झारखंड और देश के विकास का आधार बताया।
विज्ञापन

कार्यक्रम में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, आईबीएम समेत कई प्रमुख तकनीकी संस्थानों और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने झारखंड में डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत करने, आईटी निवेश बढ़ाने और भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप राज्य को तैयार करने संबंधी सुझाव दिए।

पढ़ें: सत्ता में रहकर सरकार पर सवाल, झारखंड कांग्रेस की दोहरी भूमिका पर उठे प्रश्न; जानें कैसे

इस दौरान झारखंड एआई पॉलिसी, इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी, टूरिज्म पॉलिसी, टेक्सटाइल पॉलिसी, जियाडा रेगुलेशंस और पीपीपी पॉलिसी के कॉन्सेप्ट पेपर हितधारकों के समक्ष प्रस्तुत किए गए। इन पर विशेषज्ञों और उद्योग जगत से सुझाव आमंत्रित किए गए, ताकि नीतियों को अधिक प्रभावी और निवेशक-अनुकूल बनाया जा सके।
कार्यक्रम में बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (बी2जी) संवाद भी आयोजित किया गया, जिसमें आईटी, एआई, डिजिटल गवर्नेंस और आधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में निवेश तथा साझेदारी की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
विज्ञापन


इस अवसर पर ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, उद्योग मंत्री संजय कुमार यादव, पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं आईबीएम के तल्लीन कुमार, माइक्रोसॉफ्ट के संदीप अरोड़ा और गूगल के राजेश रंजन ने झारखंड में सूचना प्रौद्योगिकी की संभावनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें