हजारीबाग के उरीमारी ओपी क्षेत्र में पुलिस ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीएसपीसी के आठ अपराधियों को गिरफ्तार किया। गुप्त सूचना मिलने के बाद विशेष छापामारी दल ने ग्राम आसवा और गुडकुवा के पास संदिग्ध बोलेरो वाहन को रोका, जिसमें भागने की कोशिश के दौरान वाहन असंतुलित होकर पुल और पेड़ से टकरा गया।
हजारीबाग जिले के उरीमारी ओपी क्षेत्र में पुलिस ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीएसपीसी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए आठ अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 21 मार्च को मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसमें जानकारी थी कि कोलियरी क्षेत्र में संगठन के सदस्य किसी बड़ी आपराधिक घटना की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत विशेष छापामारी दल का गठन किया और कार्रवाई शुरू की।
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छापेमारी और वाहन चढ़ाई के दौरान गिरफ्तारी
छापेमारी के दौरान ग्राम आसवा और गुडकुवा के पास पुलिस ने एक संदिग्ध बोलेरो वाहन को रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देखकर वाहन चालक भागने लगा, लेकिन पीछा करने पर वाहन असंतुलित होकर पुल और पेड़ से टकरा गया। इसके बाद भागने की कोशिश कर रहे सभी आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ लिया गया।
तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से दो इंसास राइफल सहित भारी मात्रा में जिंदा गोलियां, एक देशी पिस्टल, मोबाइल फोन और वाहन बरामद किया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये सभी आरोपी टीएसपीसी के जोनल कमांडर भीखन गंझू और सब-जोनल कमांडर दिनेश जी उर्फ रवि राम के संपर्क में रहकर विभिन्न जिलों में संगठन का संचालन कर रहे थे। ये लोग लेवी वसूली, धमकी और क्षेत्र में दहशत फैलाने का काम करते थे।
पूर्व की आपराधिक घटनाओं में संलिप्तता
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि इनकी संलिप्तता 12 फरवरी 2026 को रामगढ़ जिले के पतरातु क्षेत्र में हुई फायरिंग की घटना में भी रही है। पुलिस की सतर्कता और सूझबूझ से एक बड़ी आपराधिक घटना को होने से पहले ही टाल दिया गया। गिरफ्तार सभी आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बताया कि जांच जारी है और संगठन के अन्य सक्रिय सदस्यों की पहचान कर उन्हें पकड़ने के लिए छापामारी जारी रखी जाएगी।