दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) ने मैथन में 250 मेगावाट क्षमता के बैटरी ऊर्जा भंडारण संयंत्र (बीईएसएस) का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। मैथन स्थित डीवीसी प्रशासनिक भवन के सामने पुराने गैस टरबाइन परिसर में प्रस्तावित इस संयंत्र के निर्माण की अनुमानित लागत करीब 702 करोड़ रुपये है।
संयंत्र के निर्माण स्थल की साफ-सफाई तेजी से की जा रही है। इस परियोजना को 18 माह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। डीवीसी ने परियोजना का ठेका पेस डिजिटेक इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड को दिया है। यह कंपनी संयंत्र की डिजाइन, अभियांत्रिकी, उपकरणों की आपूर्ति और स्थापना के साथ-साथ अगले 12 वर्षों तक इसके संचालन और रखरखाव का कार्य भी संभालेगी।
ग्रिड स्थिरता और हरित ऊर्जा
यह नया संयंत्र अत्यधिक बिजली मांग के समय ग्रिड को मजबूती प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह संयंत्र प्रतिदिन करीब दो घंटे तक 250 मेगावाट बिजली उपलब्ध करा सकेगा, जिससे बिजली आपूर्ति को संतुलित रखने में मदद मिलेगी। परियोजना में पर्यावरण अनुकूल हरित ऊर्जा को प्राथमिकता दी गई है। बैटरी को पुनः चार्ज करने में इस्तेमाल होने वाली कम से कम 85 प्रतिशत ऊर्जा मैथन की तैरती सौर ऊर्जा और पनबिजली परियोजनाओं से ही हासिल की जाएगी।
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रोजगार और क्षमता विस्तार योजना
डीवीसी अपने झारखंड और पश्चिम बंगाल स्थित कमान क्षेत्रों में कुल 500 मेगावाट ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने की योजना बना रहा है। मैथन में स्थापित होने वाली यह परियोजना इसी योजना के प्रथम चरण का हिस्सा है। मैथन में लंबे समय के बाद इतने बड़े ऊर्जा संयंत्र का निर्माण शुरू होने से स्थानीय लोगों के बीच नए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद बनी हुई है।