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जेपीएससी गड़बड़ी: 454 अभ्यर्थी CID को ओएमआर शीट सौंपने में विफल, झूठी कहानियां गढ़कर एजेंसी को किया था गुमराह

Sun, 08 Nov 2026 07:06 AM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

झारखंड की 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में कथित धांधली की जांच कर रही सीआईडी ने खुलासा किया है कि 454 सफल अभ्यर्थी अब तक ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी नहीं सौंप पाए हैं। आरोप है कि कई अभ्यर्थियों ने अपनी प्रतियां बिचौलियों को दी थीं। सीआईडी ने अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं।
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JSSC, झारखंड लोक सेवा आयोग - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा में कथित पेपर लीक, ओएमआर शीट में हेराफेरी और अनियमितताओं से जुड़े मामलों की जांच कर रही सीआईडी ने बड़ा खुलासा किया है। परीक्षा में उत्तीर्ण 454 सफल अभ्यर्थी अब तक अपनी ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी जांच एजेंसी को सौंपने में विफल रहे हैं।
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सीआईडी द्वारा की गई पड़ताल में सामने आया है कि इनमें से अधिकांश अभ्यर्थियों ने अपनी मूल कार्बन कॉपी परीक्षा समाप्त होने के बाद बिचौलियों को सौंप दी थी। जब जांच टीम ने उनसे कार्बन प्रति प्रस्तुत करने को कहा, तो अभ्यर्थियों ने इसके खो जाने की झूठी कहानी गढ़ दी।

झूठी कहानियां गढ़कर एजेंसी को किया गुमराह
सीआईडी ने जेपीएससी मामले में अदालत के समक्ष दाखिल आरोपपत्र (चार्जशीट) में स्पष्ट किया है कि सफल अभ्यर्थी उमाकांत उरांव, रोशन केरकेट्टा और मनोज कुमार ने दस्तावेज गुम होने का झूठा बहाना बनाया है। जांच के दौरान इन अभ्यर्थियों ने बताया कि उनकी कार्बन कॉपी कहीं खो गई है, जबकि इन्होंने अपनी प्रतियां पहले ही संगठित गिरोह के बिचौलियों के हवाले कर दी थीं। इसी प्रकार, सफल अभ्यर्थी ओमप्रकाश राणा और दिलीप कुमार राणा ने भी जांच अधिकारी को गुमराह करने के इरादे से विभिन्न प्रकार के बहाने बनाए।
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परीक्षा केंद्र के सीसीटीवी फुटेज से खुला धांधली का राज
जांच को गति देते हुए सीआईडी ने परीक्षा केंद्र की सीसीटीवी फुटेज और अन्य अहम सबूत अदालत में प्रस्तुत किए हैं। सीआईडी ने अदालत को बताया है कि परीक्षा हॉल से अभ्यर्थियों के बाहर निकलने के बाद किस प्रकार संगठित गिरोह ने ओएमआर शीट में हेराफेरी की। 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में कुल 2,204 अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए थे। इनमें से लगभग 1,750 अभ्यर्थी ही सीआईडी के समक्ष अपनी ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी प्रस्तुत करने में सफल हो पाए थे, जबकि शेष अभ्यर्थियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।
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साक्ष्य जुटाने के लिए जारी की गई थी सार्वजनिक सूचना
सीआईडी ने सभी सफल अभ्यर्थियों से साक्ष्य जुटाने के उद्देश्य से सार्वजनिक नोटिस जारी किया था। इसके तहत अभ्यर्थियों से 30 जुलाई से सात अगस्त के बीच अपने पेपर-1 और पेपर-2 की ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी का पीडीएफ बनाकर या फोटो खींचकर भेजने का अनुरोध किया गया था। इस प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए सीआईडी ने व्हाट्सएप नंबर 9934309058 तथा ईमेल आईडी complainjpsc-cid@jhpolice.gov.in भी जारी की थी, ताकि अभ्यर्थी अपने दस्तावेज सीधे जांच एजेंसी को भेज सकें।
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