लोहरदगा के कुड़ू थाना क्षेत्र की चंदलासो पंचायत के चिताकोनी गांव में पैकेटबंद बिरयानी खाने से तीन बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। इनमें से दो बच्चों की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं तीसरे बच्चे का स्थानीय स्तर पर इलाज कराया गया। पैकेटबंद खाद्य पदार्थ खाने से एक साथ तीन बच्चों के बीमार पड़ने की इस घटना के बाद से परिजनों और ग्रामीणों के बीच चिंता का माहौल व्याप्त है।
पूजा पंडाल से लौटते समय खरीदी थी बिरयानी
प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार की शाम चिताकोनी गांव निवासी ओमप्रकाश भगत की चार वर्षीय बेटी तन्वी उरांव, सुरेश उरांव के आठ वर्षीय बेटे रोहन उरांव और सुनील उरांव के सात वर्षीय बेटे सत्या उरांव अपने परिजनों के साथ पास के चंदलासो गांव स्थित पूजा पंडाल में घूमने गए थे। रात में घर वापस लौटते समय तीनों बच्चों ने गांव की दुकान से पैकेटबंद बिरयानी खरीदी और उसे रास्ते में ही खा लिया।
पढे़ं: रांची में 21 अक्तूबर को निकलेगी मां दुर्गा की विसर्जन शोभायात्रा, दोपहर बिहार क्लब से निकलेगा जुलूस
घर पहुंचते ही बिगड़ी स्थिति
परिजनों के अनुसार घर पहुंचने के बाद तीनों बच्चों का स्वास्थ्य अचानक बिगड़ने लगा और उन्हें लगातार उल्टियां होने लगीं। स्थिति तब और भयावह हो गई, जब तन्वी उरांव और रोहन उरांव के मुंह से झाग तथा खून निकलने लगा। बच्चों की यह हालत देखकर घबराए परिजन उन्हें तत्काल इलाज के लिए पास के निजी अस्पताल ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने तन्वी को सोमवार रात ही रांची रेफर कर दिया। रोहन की हालत भी लगातार गंभीर बनी रहने पर परिजन उसे मंगलवार सुबह इलाज के लिए रांची ले गए। वर्तमान में दोनों बच्चों का इलाज रांची के निजी अस्पताल में चल रहा है।
घटना में शामिल तीसरे बच्चे यानी सात वर्षीय सत्या उरांव का स्थानीय निजी क्लीनिक में इलाज कराया गया। परिजनों ने जानकारी दी कि इसके बाद वे उसे झाड़-फूंक के लिए भी लेकर गए। पैकेटबंद खाद्य सामग्री से बच्चों की तबीयत बिगड़ने के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।