झारखंड की राजधानी में नियमों की अनदेखी कर कोचिंग संस्थान, हॉस्टल और लॉज संचालित करने वालों पर शिकंजा कस गया है। रांची नगर निगम ने शहर के सात बड़े शैक्षणिक व कोचिंग संस्थानों को 24 घंटे का अंतिम अल्टीमेटम दिया है। निगम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अवधि में संचालन बंद करके आवश्यक वैधानिक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए, तो संबंधित भवनों को सीधे सील कर दिया जाएगा। बार-बार चेतावनी के बाद भी नियमों का अनुपालन न करने वाले संस्थानों पर अब कठोर कार्रवाई की तैयारी पूरी कर ली गई है।
निगम प्रशासन ने इन सभी संस्थानों को कारण बताओ व सीलिंग का नोटिस थमाया। इस निर्देश पत्र में भवन के स्वीकृत उपयोग, ट्रेड लाइसेंस, पंजीकरण और सुरक्षा मानकों के पालन को अनिवार्य बताया गया है। मुख्य रूप से उन परिसरों को निशाना बनाया जा रहा है, जहां आवासीय स्वीकृत नक्शे वाले भवनों में अवैध रूप से व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जा रही हैं।
सात संस्थानों पर लटकी सीलिंग की तलवार
नगर निगम की इस सख्त कार्रवाई के दायरे में शहर के सात प्रमुख संस्थान आए हैं। इनमें जगन्नाथ टावर की चौथी और पांचवीं मंजिल पर स्थित चार्टर्ड कॉमर्स की दोनों शाखाएं, इम्पीरियल लाइब्रेरी, मेरिट एक्सिस एकेडमी, पियर्स एजु (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड, स्पीक इंग्लिश एकेडमी और भविष्य भारती शामिल हैं।
निगम प्रबंधन ने इन सभी संस्थानों को निर्देश दिया है कि नोटिस प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर वे अपना पठन-पाठन व अन्य व्यावसायिक संचालन तुरंत प्रभाव से बंद करें। इसके साथ ही, निगम मुख्यालय पहुंचकर भवन व संस्थान से जुड़े सभी वैधानिक कागजात जांच हेतु अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करें। समय पर संतोषजनक कागजात प्रस्तुत न करने की स्थिति में नगर निगम के सचल दस्ते द्वारा संबंधित भवनों की तालाबंदी और सीलिंग सुनिश्चित की जाएगी।
ट्रेड लाइसेंस से लेकर फायर एनओसी अनिवार्य
नगर निगम प्रशासन के अनुसार, किसी भी व्यावसायिक अथवा कोचिंग संस्थान को चलाने के लिए मात्र भवन का उपलब्ध होना ही काफी नहीं है। इसके लिए संस्थानों के पास नगर निगम का वैध ट्रेड लाइसेंस, हॉस्टल पंजीकरण, वाणिज्यिक होल्डिंग टैक्स की अद्यतन रसीद, अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र (फायर एनओसी), स्वीकृत भवन निर्माण नक्शा और अन्य आवश्यक वैधानिक अनुमतियां होना अनिवार्य है।
यह कार्रवाई झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 और झारखंड भवन उपविधि, 2016 में निहित कानूनी प्रावधानों के तहत की जा रही है। निगम अधिकारियों का रुख स्पष्ट है कि नियमों को दरकिनार कर चलाई जा रही अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों पर किसी भी सूरत में मनमानी करने की छूट नहीं मिलेगी।
आखिरी नोटिस, नौ अन्य संस्थानों पर भी नजर
नगर निगम ने बताया कि सीलिंग की इस कठोर नौबत से पहले संबंधित संस्थानों को कई बार सचेत किया गया था। पूर्व में भी कारण बताओ नोटिस और अंतिम स्मार नोटिस जारी कर कागजात जमा करने तथा नियमों का अनुपालन करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद अनुपालन न होने और कतिपय संस्थानों द्वारा जमा किए गए स्पष्टीकरण संतोषजनक न पाए जाने के बाद अब सीलिंग की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।
निगम द्वारा पूर्व में अंतिम स्मार नोटिस प्राप्त करने वाले नौ अन्य संस्थानों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। इन संस्थानों में हटमा स्थित आरसी फिजिकल एकेडमी, मोरहाबादी की बिरसा कॉलोनी स्थित लक्ष्य डिफेंस एकेडमी, ले डिजायर कॉम्प्लेक्स, सर्कुलर रोड स्थित प्रकाश कॅरिअर फाउंडेशन, लालपुर स्थित आरसी डिफेंस एकेडमी, थड़पखना के ईस्ट जेल रोड स्थित योद्धा डिफेंस एकेडमी, लालपुर स्थित श्योर सक्सेस सेंटर, ईस्ट जेल रोड स्थित किरण एकेडमी, हटमा स्थित कमांडो फिजिकल एकेडमी तथा बिरसा नगर, सरना टोली स्थित आरसी फिजिकल एकेडमी शामिल हैं। नगर निगम प्रशासन ने दो टूक शब्दों में कहा है कि स्वीकृत भवन प्लान के विपरीत निर्माण करने या आवश्यक अनुमतियों के बिना संस्थान चलाने के मामलों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।