सार
आईआईटी (आईएसएम) धनबाद ने स्वच्छ तकनीक, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए ऊर्जा मोबिलिटी के साथ एमओयू किया है। इसके तहत दोनों संस्थान संयुक्त शोध, तकनीकी विकास और उद्योग की वास्तविक समस्याओं के समाधान पर मिलकर काम करेंगे।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (भारतीय खनि विद्यापीठ) धनबाद
- फोटो : अमर उजाला
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (भारतीय खनि विद्यापीठ) धनबाद के प्रबंधन अध्ययन एवं औद्योगिक अभियांत्रिकी विभाग ने क्लीन टेक्नोलॉजी, एनर्जी-एज-ए-सर्विस, ग्रीन मोबिलिटी और सर्कुलर इकॉनमी के क्षेत्रों में उद्योग तथा अकादमिक सहयोग को मजबूत बनाने के उद्देश्य से ऊर्जा मोबिलिटी के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। ऊर्जा मोबिलिटी, एमटीओडब्ल्यू मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड का एक आधिकारिक ब्रांड है। संस्थान के प्रबंधन अध्ययन एवं औद्योगिक अभियांत्रिकी विभाग की ओर से साझा की गई विस्तृत जानकारी के अनुसार, यह द्विपक्षीय सहयोग मुख्य रूप से संयुक्त शोध कार्यों और उद्योग जगत की वास्तविक समस्याओं के शोध आधारित समाधान विकसित करने पर केंद्रित रहेगा। इस रणनीतिक पहल के माध्यम से संस्थान और उद्योग दोनों हरित गतिशीलता तथा स्वच्छ प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नए तकनीकी समाधान खोजने के लिए एक साथ मिलकर काम करेंगे।
ऊर्जा और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की आवश्यकताएं
संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में निदेशक प्रोफेसर सुकुमार मिश्रा विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान ऊर्जा मोबिलिटी के प्रतिनिधि अधिकारियों के साथ ऊर्जा और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी क्षेत्र की मौजूदा जरूरतों तथा भविष्य के संभावित शोध क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा की। इस विचार-विमर्श के दौरान उद्योग जगत की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शोध कार्य करने और आधुनिक तकनीक विकसित करने में संस्थान की विशेषज्ञता के प्रभावी इस्तेमाल पर भी गंभीरता से विचार-विमर्श हुआ। संस्थान का उद्देश्य अपनी वैज्ञानिक क्षमता के जरिये औद्योगिक चुनौतियों का समाधान करना है।
संयुक्त शोध और तकनीकी समाधान पर जोर
हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन के तहत दोनों पक्ष संयुक्त शोध, संकाय-उद्योग वार्तालाप (फैकल्टी-इंडस्ट्री इंटरैक्शन) और उद्योग की वास्तविक समस्याओं के शोध आधारित समाधान विकसित करने की दिशा में प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगे। इस साझेदारी के तहत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ऊर्जा प्रणाली (एनर्जी सिस्टम), स्वच्छ प्रौद्योगिकी (क्लीनटेक) तथा सतत संसाधन प्रबंधन (सस्टेनेबल रिसोर्स मैनेजमेंट) से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर शोध तथा तकनीकी विकास को गति देने की एक व्यापक योजना बनाई गई है।
इस समझौता ज्ञापन पर ऊर्जा मोबिलिटी की ओर से कंपनी के संस्थापक एवं निदेशक पंकज चोपड़ा तथा सह-संस्थापक एवं निदेशक अनघ ओझा ने अपने हस्ताक्षर किए। संस्थान की तरफ से अनुसंधान एवं विकास विभाग के अधिष्ठाता (डीन) प्रोफेसर पार्थसारथी दास, प्रोफेसर शिखा सिंह और प्रोफेसर एजाज अहमद ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर संस्थान के नवाचार, इंक्यूबेशन, उद्यमिता तथा कॉरपोरेट संबंध (इनोवेशन, इंक्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप एंड कॉरपोरेट रिलेशंस) विभाग के अधिष्ठाता प्रोफेसर आलोक दास भी उपस्थित थे।