फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

झारखंड: मध्याह्न भोजन के लिए 302 करोड़ रुपये जारी, सात महीने बाद मिली राहत; 9 नवंबर से बंद होने का टला खतरा

Sat, 31 Oct 2026 01:24 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

झारखंड मध्याह्न भोजन प्राधिकरण ने पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत राज्य के जिलों को 302 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। सात महीने के इंतजार के बाद जारी इस राशि से सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों को राहत मिली है।
विज्ञापन
(फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

झारखंड के सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना के संचालन को लेकर बनी अनिश्चितता अब दूर होती दिख रही है। सात महीने के लंबे इंतजार के बाद झारखंड मध्याह्न भोजन प्राधिकरण ने चालू वित्तीय वर्ष के तहत पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजना के लिए जिलों को 302 करोड़ रुपये आवंटित कर दिए हैं। इससे राज्य के सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को बड़ी राहत मिली है। राशि जारी होने से स्कूलों में बच्चों को दोपहर का भोजन उपलब्ध कराने और रसोइया सह सहायिकाओं के मानदेय भुगतान का रास्ता साफ हो गया है। वहीं, शिक्षकों के संगठन की ओर से योजना बंद करने की दी गई चेतावनी के बीच इस फैसले से मध्याह्न भोजन का संचालन ठप होने का खतरा भी टल गया है। प्राधिकरण की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, आवंटित राशि का इस्तेमाल कुकिंग कॉस्ट, रसोइया सह सहायिकाओं के मानदेय भुगतान, बच्चों को रागी का हलवा देने और किचेन गार्डन जैसी गतिविधियों पर किया जाएगा।

तकनीकी समस्या दूर होने के बाद जारी हुआ संशोधित आवंटन

प्राधिकरण ने जिलों के लिए संशोधित आवंटन पत्र जारी किया है। इससे पहले 19 सितंबर को भी राशि आवंटित की गई थी, लेकिन राज्यांश मद से राशि निकालने में तकनीकी समस्याएं आ गई थीं। इस वजह से आवंटित राशि का आहरण नहीं हो पा रहा था। इसके बाद वित्त विभाग ने 12 अक्तूबर को तकनीकी समस्या का समाधान किया। इसके आधार पर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने 29 अक्तूबर को पहले जारी आवंटन आदेश में जरूरी सुधार किया। इसके बाद अब संशोधित आवंटन आदेश जारी किया गया है। कुल 302 करोड़ रुपये में 181 करोड़ 27 लाख 88 हजार रुपये केंद्रांश के रूप में शामिल हैं। शेष राशि राज्यांश के रूप में दी जा रही है।

107 से 112 दिनों तक की कुकिंग कॉस्ट का इंतजाम

प्राधिकरण के आदेश के अनुसार, आवंटित राशि से बालवाटिका वर्ग के विद्यार्थियों के लिए करीब 112 दिनों और प्राथमिक व उच्च प्राथमिक वर्ग के विद्यार्थियों के लिए लगभग 107 दिनों की कुकिंग कॉस्ट की जरूरत पूरी हो सकेगी। हालांकि, विद्यालयों को भुगतान से पहले अपने पास मौजूद पूर्व अवशेष कोष का सामंजन करना होगा। इसके बाद ही वे बिल का भुगतान कर सकेंगे। प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवंटित राशि का इस्तेमाल किसी दूसरी योजना या अन्य मद में किसी भी परिस्थिति में नहीं किया जा सकता है।

सात महीने से फंड की कमी से जूझ रहे थे स्कूल

चालू वित्तीय वर्ष के सात महीने बीत जाने के बाद यह राशि जारी की गई है। इस दौरान फंड की कमी के कारण राज्य के कई सरकारी स्कूलों में दूसरी मदों की राशि से मध्याह्न भोजन की व्यवस्था की जा रही थी। कई जगहों पर प्रधानाध्यापक अपने निजी पैसे खर्च कर बच्चों के लिए दोपहर के भोजन का इंतजाम कर रहे थे।

विज्ञापन

इस वजह से स्कूलों में योजना के नियमित संचालन को लेकर लगातार चिंता बनी हुई थी। रसोइया सह सहायिकाओं के मानदेय भुगतान पर भी इसका असर पड़ रहा था।

शिक्षकों ने 9 नवंबर से योजना बंद करने की दी थी चेतावनी

मध्याह्न भोजन के लिए बकाया राशि जारी नहीं होने पर अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने भी कड़ा रुख अपनाया था। संघ ने चेतावनी दी थी कि अगर आठ नवंबर तक बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया तो नौ नवंबर से राज्यभर में मध्याह्न भोजन योजना का संचालन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
अब प्राधिकरण की ओर से 302 करोड़ रुपये का संशोधित आवंटन जारी होने के बाद स्कूलों को राहत मिली है। इससे बच्चों के लिए भोजन की व्यवस्था जारी रखने और योजना के संचालन में आ रही आर्थिक परेशानी दूर होने की उम्मीद है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें