भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह
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भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने भारत और जापान की वायु सेनाओं के संयुक्त अभ्यास को दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के लिए ऐतिहासिक पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि इस अभ्यास में पहली बार जापानी लड़ाकू विमानों का भारतीय धरती से संचालन होना दोनों देशों की साझेदारी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने कहा, 'यह अभ्यास- विशेष रूप से पहली बार भारतीय धरती से जापानी लड़ाकू विमानों का संचालन- हमारी द्विपक्षीय साझेदारी में एक ऐतिहासिक पड़ाव है। मुझे अच्छी तरह याद है कि तरंग शक्ति 2024 के दौरान आपकी टीम यहां आई थी। उस समय मैं वाइस चीफ के रूप में यहां आया था और मैंने उनसे मुलाकात की थी, लेकिन दुर्भाग्य से दक्षिण-पूर्व एशिया में खराब मौसम के कारण आपके विमान यहां नहीं पहुंच सके थे। उस समय हम यह अवसर गंवा बैठे थे, लेकिन मुझे बहुत खुशी है कि इस बार हमने इसकी भरपाई कर ली।'
'मुसीबत के समय काम आने वाला मित्र'
एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने कहा कि यह अभ्यास भारत और जापान के बीच विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के बढ़ते आयाम को दर्शाता है। उन्होंने संस्कृत की उक्ति ‘आपत्सु मित्रं’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका अर्थ है-मुसीबत के समय काम आने वाला मित्र। एयर चीफ मार्शल ने कहा कि भारतीय वायुसेना और जापान एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स (Kōkū Jieitai) के बीच दिखाई देने वाली भावना बिल्कुल इसी तरह की है। यह साझेदारी आपसी सम्मान, पेशेवर विश्वास और शांति एवं स्थिरता के लिए साझा प्रतिबद्धता पर केंद्रित है।
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मुक्त, खुले और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र की साझा सोच
एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने कहा कि भारत और जापान एक स्वतंत्र, खुले और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र की साझा सोच रखते हैं। दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच मजबूत सहयोग इस उद्देश्य में सीधे योगदान देता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच संबंध समय के साथ काफी विकसित हुए हैं। यह संबंध ‘शिन्यू मैत्री’ से ‘वीर गार्जियन’ तक पहुंचे हैं। इसके साथ ही विषय विशेषज्ञों के बीच आदान-प्रदान से लेकर अत्यधिक जटिल परिस्थितियों में सामरिक स्तर के अभ्यास तक दोनों देशों की वायु सेनाओं ने साथ काम किया है। उन्होंने कहा कि यह दोनों देशों के बीच असाधारण स्तर के विश्वास और भरोसे को दर्शाता है।