सार
रांची के राय स्वामी नगर में कथित अतिक्रमण, सड़क पर गंदा पानी बहाने और सार्वजनिक सुविधाओं पर कब्जे की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अतिक्रमण हटाने, बिजली चोरी के आरोपों की जांच और समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
रांची-चतरा मुख्य मार्ग स्थित राय स्वामी नगर में कथित अतिक्रमण, अवैध कब्जे और सड़क पर गंदा पानी बहाए जाने से स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है। सड़क पर जलजमाव और बदबूदार कीचड़ के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से हस्तक्षेप कर सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराने और समस्याओं का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, क्षेत्र में मुंडा समाज को बासगीत पर्चा के तहत मिली भूमि और उसके सामने स्थित रैयती जमीन पर कथित रूप से घरों और दुकानों का निर्माण किया गया है। आरोप है कि सीसीएल द्वारा पुलिया तोड़े जाने के बाद पैदा हुई स्थिति का कुछ लोगों ने फायदा उठाया और घरों का गंदा पानी पाइप के जरिए सीधे मुख्य सड़क पर बहाना शुरू कर दिया। इससे सड़क पर लगातार पानी जमा रहता है। कीचड़ और जलजमाव के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।
क्षेत्र में संचालित बीकेबी कंपनी के औद्योगिक डीजल पंप को लेकर भी स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। बताया गया है कि यह पंप रैयती जमीन पर किराये से संचालित है और इसके महाप्रबंधक उमेश उपाध्याय हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि परिसर में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं है और सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगाए गए हैं। इसके अलावा, पंप से बिजली चोरी कर निजी घरों में इस्तेमाल किए जाने की शिकायत भी की गई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
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स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि सीसीएल के सीएसआर या विकास मद से जनता की सुविधा के लिए बनाए गए बस स्टैंड और सार्वजनिक कुएं पर कथित रूप से अवैध कब्जा कर लिया गया है। इससे आम लोगों को इन सार्वजनिक सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
मोहल्लेवासियों के मुताबिक, कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उनका कहना है कि मुख्य मार्ग पर जाम लगने के दौरान प्रशासन सक्रिय होता है, लेकिन जाम हटने के बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है।
स्थानीय नागरिकों और बुद्धिजीवियों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कथित अतिक्रमण हटाने, बिजली चोरी के आरोपों की जांच करने और सड़क पर गंदा पानी बहाने पर रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो जलजमाव और अव्यवस्था के कारण किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रह सकती है।