मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर 2026 को झारखंड मंत्रिपरिषद की बैठक हुई। बैठक में राज्य के विकास और कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सुधारों पर विशेष ध्यान देते हुए कई बड़ी परियोजनाओं और नीतियों को स्वीकृति प्रदान की गई।
मंत्रिपरिषद ने राजकीय पॉलीटेक्निक के छात्रों को झारखंड गवर्नमेंट टूल रूम (JGTR) के सहयोग से प्रशिक्षुता प्रशिक्षण देने की स्वीकृति दी। राज्य के विश्वविद्यालयों में छात्रों के स्वास्थ्य और मानसिक कल्याण के लिए नए विधान को मंजूरी दी गई। विभिन्न विभागों में विशेषज्ञ सेवाओं के लिए झारखंड विशेषज्ञ समिति के गठन को भी स्वीकृति मिली। इसके अलावा, राज्य प्रोबेशन सेवा नियमावली, 2026 में संशोधन को मंजूरी दी गई।
सभी थानों में सीसीटीवी निगरानी कैमरों की स्थापना के लिए 1,17,52,800 रुपये के लंबित भुगतान को स्वीकृति दी गई। हजारीबाग में लोटिया जलाशय योजना के पुनरुद्धार के लिए 3217.06 लाख रुपये मंजूर किए गए। सरकारी सेवकों को विदेश यात्रा की अनुमति देने के साथ ही झारखंड राजकोषीय अध्ययन संस्थान को स्वायत्त संस्था के रूप में पंजीकृत करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली।
न्यायिक अनुपालन एवं कार्मिक हित
उच्च न्यायालय की 11 रिट याचिकाओं में पारित आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए दैनिक वेतनभोगी कर्मियों को पेंशन लाभ देने से संबंधित संकल्पों में संशोधन किया गया। सुलेमान लकड़ा, अतहर हुसैन अंसारी और दशरथ मंडल सहित 16 अन्य कर्मियों की सेवा नियमित करने तथा सेवानिवृत्ति लाभों के भुगतान को स्वीकृति दी गई। राम कुमार सिंह को भूतलक्षी प्रभाव से अधीक्षण अभियंता के पद पर वैचारिक प्रोन्नति प्रदान की गई। कपिलदेव हांसदा और ज्योति की उप समाहर्ता पद पर नियुक्ति तिथि में संशोधन कर उनकी वरीयता पुनर्निर्धारित की गई। वहीं, डॉ. विजय शंकर नारायण सिंह की सेवा से बर्खास्तगी के आदेश को निरस्त करने का निर्णय लिया गया।
बुनियादी ढांचा और विकास परियोजनाएं
राज्य में पेयजलापूर्ति की समस्या के समाधान के लिए 263 प्रखंडों में 7890 चापाकलों की स्थापना हेतु 9654.70810 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई। गिरिडीह जिले में तीन प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण, मजबूतीकरण और पुनर्निर्माण के लिए कुल 114.61 करोड़ रुपये से अधिक की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। एमजीएम मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर में 500 शय्या वाले अस्पताल भवन के निर्माण के लिए 5,45,38,33,425 रुपये की पुनरीक्षित स्वीकृति दी गई। झारखंड मेडिको सिटी के बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए 2,84,17,24,900 रुपये मंजूर किए गए। चांडिल जलाशय से सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नीमडीह-कुकड़ू मेगालिफ्ट सिंचाई योजना को 607.0332 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।
आर्थिक, सामाजिक एवं प्रशासनिक सुधार
गोड्डा में 50 एमटीपीडी क्षमता का नया पशु आहार कारखाना स्थापित करने के लिए 5149.00 लाख रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई। नाबार्ड-आरआईडीएफ ट्रेंच-XXV के तहत 28 जलछाजन परियोजनाओं के लिए 58.61780 करोड़ रुपये की अवशेष राशि स्वीकृत करते हुए अवधि विस्तार किया गया। उग्रवादियों के प्रत्यर्पण के लिए प्रोत्साहन राशि मद में झारखंड आकस्मिकता निधि से 2,50,00,000 रुपये अग्रिम स्वीकृत किए गए। भूमि अधिग्रहण के पारदर्शी प्रबंधन के लिए एकीकृत भूमि अधिग्रहण पोर्टल के विकास को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही झारखंड अपशिष्ट जल (संशोधन) नीति, 2026 और झारखंड नगरपालिका भूमि/भवन स्थास्थानांतरण अधिभार नियमावली, 2026 के गठन को भी स्वीकृति प्रदान की गई।