चतरा पुलिस ने चतरा-सिमरिया मुख्य मार्ग स्थित एक लाइन होटल के पास से प्रतिबंधित संगठन टीएसपीसी के एक समर्थक को देसी कट्टे और कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने आरोपी के पास से एक देसी कट्टा और 10 जिंदा गोलियां तुरंत जब्त कीं, जबकि उसकी निशानदेही पर पास के जंगल से 50 और जिंदा कारतूस, दो खोखे तथा छह मिसफायर गोलियां बरामद कीं। पकड़ा गया आरोपी लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र के मुरपा गांव का रहने वाला मुकेश गंझू है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
गुप्त सूचना पर पुलिस की छापामारी
पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना में बताया गया कि चतरा-सिमरिया मुख्य मार्ग पर स्थित साई नाथ लाइन होटल के पास एक व्यक्ति घातक हथियार लेकर घूम रहा है और किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सन्नी वर्धन के नेतृत्व में एक छापामारी दल का गठन किया गया। पुलिस दल जैसे ही बताए गए स्थान पर पहुंचा, मैदान में मौजूद संदिग्ध व्यक्ति जंगल की तरफ भागने लगा। छापामारी दल ने तत्परता दिखाते हुए पीछा किया और उसे पकड़ लिया।
पास से मिले हथियार और कारतूस
पकड़े गए व्यक्ति की प्राथमिक तलाशी में पुलिस को उसके पास से एक देसी कट्टा और 10 जिंदा गोलियां मिलीं। इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपी से सघन पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपी ने जंगल के भीतर छिपाकर रखी गई अन्य गोलियों के ठिकाने का खुलासा किया। पुलिस ने उसकी निशानदेही वाले स्थान पर तलाशी ली, जहां से 50 जिंदा गोलियां और दो खोखे बरामद किए गए। इसके अतिरिक्त जांच के दौरान छह मिसफायर गोलियां भी पुलिस ने जब्त कीं। इस प्रकार पुलिस ने कुल 60 जिंदा गोलियां, दो खोखे और छह मिसफायर गोलियां जब्त की हैं।
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नक्सली संगठन व आपराधिक गिरोह से संबंध
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार मुकेश गंझू ने पुलिस के सामने कई अहम खुलासे किए। उसने स्वीकार किया कि जब्त कट्टा और गोलियां टीएसपीसी के एक नक्सली ने उसे दी थीं। जांच में यह बात भी सामने आई कि आरोपी का संपर्क राहुल दुबे आपराधिक गिरोह के साथ भी था। पुलिस ने इस संबंध में सदर थाने में आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।
कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस छापामारी दल में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के अलावा सदर थाना प्रभारी अनिल उरांव, पुलिस अवर निरीक्षक सुनील कुमार, सहायक पुलिस अवर निरीक्षक रवि रंजन कुमार और सदर थाने के सशस्त्र बल के जवान मुख्य रूप से शामिल थे।