सार
जमशेदपुर के गोलमुरी स्थित केनरा बैंक में 5-6 हथियारबंद बदमाशों ने दिनदहाड़े डकैती की। रेनकोट पहनकर पहुंचे अपराधियों ने कर्मचारियों को बंधक बनाया, सुरक्षा गार्ड से मारपीट की और गन पॉइंट पर चेस्ट खुलवाकर 42 लाख से अधिक नकदी और सोने के आभूषण लूटे।
गोलमुरी थाना क्षेत्र स्थित केनरा बैंक की शाखा में गुरुवार सुबह करीब सवा नौ बजे हथियारबंद अपराधियों ने दिनदहाड़े डकैती की वारदात को अंजाम दिया। करीब 5 से 6 की संख्या में पहुंचे बदमाशों ने बैंककर्मियों को हथियार के बल पर बंधक बनाकर चेस्ट से 42 लाख रुपये से अधिक की नकदी और लॉकर में रखे सोने के आभूषण लूट लिए। वारदात के बाद सभी अपराधी दो बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो गए।
सुरक्षा गार्ड से की मारपीट
घटना के समय बैंक खुला ही था और परिसर में सफाई का काम चल रहा था। बारिश के कारण सभी अपराधी रेनकोट पहनकर बैंक में दाखिल हुए थे। इससे उन्हें चेहरा और पहचान छिपाने में मदद मिली। बैंक के अंदर घुसते ही बदमाशों ने हथियारों के बल पर कर्मचारियों को बंधक बना लिया और किसी तरह का विरोध नहीं करने की धमकी दी। बैंक के सुरक्षा गार्ड संतोष कुमार ने अपराधियों का विरोध करने का प्रयास किया तो बदमाशों ने बंदूक की बट से उनके साथ मारपीट की। इससे वह घायल हो गए। गार्ड को डराने के बाद अपराधी सीधे बैंक प्रबंधक अजीत कुमार के कक्ष में पहुंचे।
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गन पॉइंट पर मैनेजर से खुलवाया चेस्ट
अपराधियों ने बैंक प्रबंधक को गन पॉइंट पर लेकर बैंक का चेस्ट खुलवाया। चेस्ट खुलते ही बदमाशों ने उसमें रखी 42 लाख रुपये से अधिक की नकदी निकाल ली। इसके अलावा लॉकर में रखे सोने के आभूषण भी लूट लिए। वारदात के बाद बैंक परिसर में अफरा-तफरी मच गई। दिनदहाड़े हुई बैंक डकैती से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
बैंक डकैती की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीण पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपअधीक्षक और गोलमुरी थाना पुलिस समेत कई थानों की टीमें मौके पर पहुंचीं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बैंक परिसर का मुआयना किया और बैंककर्मियों से अपराधियों के हुलिए तथा उनकी बातचीत से जुड़ी जानकारी ली।
पुलिस बैंक के अंदर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। फुटेज के जरिए अपराधियों के बैंक में प्रवेश करने से लेकर भागने तक की गतिविधियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि अपराधियों को बैंक में बड़ी रकम रखे होने की जानकारी कैसे मिली।
अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। इसके साथ ही तकनीकी जांच और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।