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Jharkhand News: सावन में शिवभक्ति, राष्ट्रीय पर्व पर तिरंगा... रांची का यह मंदिर क्यों है सबसे अलग?

Mon, 03 Aug 2026 12:40 PM IST
राँची ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

रांची का प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर भगवान शिव की आराधना के साथ राष्ट्रभक्ति की अनूठी परंपरा के लिए पूरे देश में जाना जाता है। हरमू रोड स्थित यह प्राचीन शिव मंदिर समुद्र तल से लगभग 2,146 फीट की ऊंचाई पर स्थित है।
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रांची का पहाड़ी मंदिर
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विस्तार
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झारखंड की राजधानी रांची के हरमू रोड स्थित प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर देश के उन चुनिंदा धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां भगवान शिव की आराधना के साथ राष्ट्रभक्ति की अनूठी परंपरा भी देखने को मिलती है। पहाड़ी की चोटी पर स्थित यह प्राचीन शिव मंदिर समुद्र तल से लगभग 2,146 फीट और जमीन से करीब 350 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां पूरे वर्ष श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है, जबकि महाशिवरात्रि और सावन के महीने में लाखों शिवभक्त जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं।

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सावन में उमड़ता है लाखों श्रद्धालुओं का जनसैलाब
सावन के दौरान झारखंड ही नहीं, बल्कि बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा समेत कई राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु रांची पहुंचते हैं। कांवरिये नमकुम स्थित स्वर्णरेखा नदी से पवित्र जल लेकर पैदल यात्रा करते हुए पहाड़ी मंदिर पहुंचते हैं और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं। श्रद्धालु भगवान शिव से परिवार की सुख-समृद्धि, मंगल और खुशहाली की कामना करते हैं। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के जयघोष से भक्तिमय हो उठता है।

स्वतंत्रता संग्राम की यादों से जुड़ा है मंदिर का इतिहास
रांची का पहाड़ी मंदिर केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि देश के स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा का भी साक्षी है। अंग्रेजी शासन के दौरान यह स्थान ब्रिटिश प्रशासन के कब्जे में था और यहां स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी दी जाती थी। इसी वजह से इस स्थान को कभी 'फांसी टोंगरी' के नाम से भी जाना जाता था। आजादी के बाद इस ऐतिहासिक स्थल को नई पहचान मिली और इसे आस्था के साथ राष्ट्रप्रेम के प्रतीक के रूप में विकसित किया गया।
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तिरंगा फहराने की अनूठी परंपरा बनाती है खास
रांची का पहाड़ी मंदिर पूरे देश में अपनी एक अनोखी परंपरा के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त और 26 जनवरी को धार्मिक ध्वज के साथ पूरे सम्मान और राष्ट्रीय गौरव के साथ तिरंगा फहराया जाता है। देश के बहुत कम मंदिर ऐसे हैं, जहां राष्ट्रीय पर्वों पर इस तरह नियमित रूप से तिरंगा फहराने की परंपरा निभाई जाती है। यही विशेषता पहाड़ी मंदिर को देश के सबसे विशिष्ट शिव मंदिरों में शामिल करती है।

आस्था और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत संगम
रांची का पहाड़ी मंदिर श्रद्धालुओं के लिए केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम के बलिदान, देशभक्ति और सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक है। सावन के महीने में यहां उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ और राष्ट्रीय पर्वों पर तिरंगा फहराने की परंपरा इस मंदिर को देश के सबसे अनूठे धार्मिक स्थलों में विशेष पहचान दिलाती है।
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