पटना-बोधगया ब्लास्ट मामले में झारखंड के चकला गांव से गिरफ्तार किए गए युवकों ने एनआईए पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि एनआईए ने उन्हें कोर्ट में बयान दर्ज करने के लिए मजबूर किया। 15 जुलाई को सभी संदिग्धों को बयान दर्ज करवाने के लिए एऩआईए की टीम कोर्ट ले गई थी।
तौकीर आलम, फैज अहमद, इफ्तेखार अहमद अबु रेहान और जिकुरुल्लाह ने एनआईए के अधिकारियों पर नंगा कर घंटों पीटने का भी आरोप लगाया है। इफ्तेखार अहमद(20) ने आरोप लगाया कि एनआईए की टीम ने उन्हें 12 जुलाई को हटिया गेस्ट हाउस में बुलाया। उन सभी को समन देने से पहले कई घंटो तक बिठाए रखा गया।
रोजा के बावजूद परेशान किया
टीओआई में छपी खबर के मुताबिक इफ्तेखार ने एनआईए की टीम को बयाया कि वे सभी रोजा में हैं लेकिन एऩआईए की टीम कुछ भी सुनने को राजी नहीं थी।
इफ्तेखार को कपड़े उतारने को कहा गया और एऩआईए के एक अधिकारी ने पीछे खड़े होकर उससे कहा कि तुम कोर्ट में यह बात स्वीकार कर लो कि तुमने अपनी सिम कार्ड मुजिबुल्लाह को दी थी। (मुजिबुल्लाह पटना ब्लास्ट के मुख्य आरोपियों मे से एक है।)
जब इफ्तेखार ने इस बात को स्वीकार करने से मना किया तो उसे बुरी तरह से पीटा गया। उनसे यह भी पूछा गया कि मुजिबुल्ला व हैदर को एक साथ हमने देखा है। बाद में एक कागज पर लिखवाया गया कि जब भी पूछताछ के लिए बुलाया जायेगा, हम उपस्थित होंगे।
कोर्ट में पेश होने के लिए दबाव
फैज अहमत ने अपने आरोपों ने कहा कि उन सभी लोगों को शारिरिक रूप से प्रताडित किया गया और यहां तक कि सैंडल से पीटा गया।
फैज ने कहा कि उन सभी को कोर्ट में पेश होने के लिए एक पेपर दिया गया जिसमें इंग्लिश में एक स्टेटमेंट लिखा हुआ था। एनआईए की टीम ने उन सभी को वो पूरा स्टेटमेंट याद करने को कहा। फैज ने जब एनआईए की टीम को कहा कि वे इंग्लिश नहीं समझ पाते हैं तो उन लोगों की दुबारा पिटाई की गई।