बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जदयू नेता शिवानंद तिवारी के खिलाफ बहुचर्चित चारा घोटाला मामले में साक्ष्य होने के बाद भी आरोपी नहीं बनाने की बात कहते हुए याचिका दायर की गई है।
याचिकाकर्ता मिथिलेश कुमार सिंह की ओर से शुक्रवार को शपथ पत्र दायर कर बताया गया कि सीबीआई के डीएसपी जॉन की रिपोर्ट में भी इन दोनों के खिलाफ साक्ष्य मौजूद हैं।
इस दिशा में जांच एजेंसी ने कोई कार्रवाई नहीं की। न्यायमूर्ति आरआर प्रसाद की बेंच में शुक्रवार को मामला सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था, लेकिन सुनवाई नहीं हो पाई।
उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने झारखण्ड हाईकोर्ट को बताया था कि चारा घोटाले के मुख्य अभियुक्त दिवंगत एसबी सिन्हा ने स्वीकार किया था कि उन्होंने नीतीश कुमार को एक करोड़ और शिवानंद तिवारी को 35-40 लाख रूपए दिए थे।
सोशलिस्ट मिथिलेश कुमार ने कोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी। उन्होंने नीतीश और तिवारी को चारा घोटाले से जुड़े चार मामलों में आरोपी बनाने और मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की थी।
सीबीआई ने कोर्ट में कहा था कि मिथिलेश ने अनुरोध देरी से किया था तब तक सारे मामले बंद किए जा चुके हैं, इसलिए उनकी याचिका खारिज कर दी जानी चाहिए लेकिन कोर्ट ने मिथिलेश को 13 दिसंबर तक जवाब देने को कहा था। मामले की अगली सुनवाई बीस दिसंबर को होने की संभावना है।