बोधगया के महाबोधि मंदिर परिसर व पटना में हुए सिलसिलेवार बम धमाको की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) झारखंड और बिहार में लगातार दबिश दे रही है।
एनआईए को इस मामले में शामिल आतंकियों के इन्हीं राज्यों में छिपे होने की आशंका है, क्योंकि आईएम संस्थापक यासिन भटकल की गिरफ्तारी के बाद संगठन की कमान संभाल रहे तहसीन अख्तर उर्फ मोनू उर्फ हसन समेत पांच अन्य के तार इन्हीं दो राज्यों से जुड़े हैं।
एनआईए की टीम ने कोलकाता से गिरफ्तार मोहम्मद अली से पूछताछ के बाद बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के मनियारी थाना के नीरपुर गांव स्थित उसके ससुराल और ननिहाल में रविवार देर रात छापेमारी की।
मूल रूप से दरभंगा जिले के सिंघौली का रहने वाला मोहम्मद अली पांच वर्ष की उम्र से ही अपने ननिहाल नीरपुर में रह रहा था। इसी गांव में उसकी शादी हुई।
जांच एजेंसी ने आईएम के आतंकी तहसीन अख्तर और उसके करीबी चार अन्य के संबंध में जानकारी जुटाने के लिए आम लोगों से अपील जारी की है। एजेंसी ने बिहार के समस्तीपुर जिले के कल्याणपुर थाना के मनियारपुर गांव निवासी आतंकी तहसीन के साथ ही झारखंड के नोमान अंसारी, तौफिक अंसारी, मोजीबुल्लाह तथा हैदर अली का पूरा ब्योरा तस्वीर के साथ जारी किया है।
ब्योरे के मुताबिक, तहसीन हिंदी, अंग्रेजी भाषा और कंप्यूटर का जानकार है और बिहारी अंदाज में बातें करता है।
भटकल की गिरफ्तारी के बाद संगठन में बड़ा ओहदा रखने वाला तहसीन आम लोगों के साथ-साथ पुलिस व खुफिया एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए खुद को छात्र बताकर किराये का मकान लेने की कोशिश करता है।