NIA: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में एनआईए की बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। जानकारी के मुताबिक गुरुवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने प्रतिबंधित माओवादी संगठन के कई संदिग्ध कार्यकर्ताओं के घरों में बड़े स्तर पर तलाशी ली है। इस दौरान कई दस्तावेज और सामान बरामद हुए हैं।
झारखंड में प्रतिबंधित माओवादी संगठन के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने कार्रवाई की है। बता दें कि पश्चिमी सिंहभूम जिले में प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) संगठन के कई संदिग्धों और कार्यकर्ताओं के घरों और ठिकानों पर तलाशी ली गई है। इस मामले में जांच एजेंसी की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि इस छापेमार कार्रवाई चार स्थानों पर की गई तलाशी के दौरान मोबाइल फोन, दस्तावेज समेत कई आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई।
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जुलाई 2022 में गिरफ्तार किए गए थे तीनों
एनआईए की यह कार्रवाई प्रतिबंधित माओवादी संगठन के लिए जमीन स्तर पर काम करने वाले तीन लोगों की गिरफ्तारी से जुड़े एक मामले में हुई, जो सीपीआई (माओवादी) के लिए कूरियर के रूप में काम कर रहे थे। एनआईए के बयान में कहा गया है कि तीनों माओवादी कार्यकर्ताओं को जुलाई 2022 में पश्चिमी सिंहभूम जिले के बेरा केंदुडा स्कूल से पकड़ा गया था और उनके पास से एक आपत्तिजनक पत्र मिला था, जिसके कारण एनआईए ने जिले के अन्य संदिग्ध कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की।
एक हफ्ते पहले भी NIA ने की थी छापेमारी
एनआईए ने इस जांच को पिछले साल अगस्त में अपने हाथ में लिया था, जो अब भी जारी है। वहीं इससे पहले 20 जून को राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने झारखंड में प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) के क्षेत्रीय समिति सदस्य की गिरफ्तारी के सिलसिले में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था। एनआईए ने इस मामले में बताया था कि फरार कमांडरों, जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं और एमएसएस और एएमएम जैसे फ्रंटल संगठनों के सदस्यों के घर और ठिकानों पर दो दिनों तक तलाशी ली गई।
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30 जून को दर्ज मामले में ली गई तलाशी
एनआईए के मुताबिक पिछले साल 30 जून को दर्ज मामले में झारखंड के गिरिडीह और बोकारो जिले में फैले लगभग 19 अलग-अलग ठिकानों पर तलाशी ली गई। इस तलाशी के दौरान, एनआईए ने कई आपत्तिजनक दस्तावेज, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य सामग्री बरामद की गई थी। वहीं एनआईए की जांच से पता चला था कि माओवादियों ने गिरिडीह जिले के दूरदराज के इलाकों में सड़क निर्माण परियोजनाओं से भारी मात्रा में लेवी वसूली है।