साल 2008 में नक्सलियों के हाथों मारे जाने वाले विधायक रमेश मुंडा के केस में नया मोड़ सामने आया है। राष्ट्रीय जांच सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) ने झारखंड पुलिस के असिस्टेंट सब इन्सपेक्टर (एएसआई) को हत्या की साजिश से जुड़े होने के आधार पर गिरफ्तार किया है।
एनआईए प्रक्ता ने खुलासा किया कि एएसआई शेषनाथ सिंह पर आरोप है कि उसने मुंडा गतिविधियों की जानकारी नक्सलियों को दी थी, जिसके बाद ही उन पर हमला हुआ था। सिंह को 15 अक्तूबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।
प्रवक्ता ने यह भी बताया कि एनआईए केस की गंभीरता से जांच कर रही है और इस संदर्भ में रांची की चार जगहों पर छापेमारी भी की गई है। इससे पहले सोमवार को एनआईए ने झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री गोपाल कृष्ण पातर को हिरासत में लिया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी मुंडा को मौत के घाट उतरवाने के लिए नक्सलियों को पैसे मुहैया करवाए थे।
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पातर को झारखंड में राजा पातर से भी जाना जाता है और आरोप है कि उन्होंने करीब 4 करोड़ रुपये की मोटी रकम हत्या के लिए दी थी। हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक एनआईए ने कहा कि उन्होंने पातर के कई ठिकानों पर छापेमारी की है और वे उन सुबूतों की तलाश कर रहे हैं, जिनके दम पर वे पटार को आधिकारिक तौर पर गिरफ्तार कर सके।
बता दें कि मुंडा जनता दल यूनाइटेट के विधायक थे। 9 जुलाई 2008 को मुंडा अपने चुनावी क्षेत्र बुंडू में एक कार्यक्रम के दौरान भाषण दे रहे थे। इस बीच नक्सलियों ने उन पर हमला बोल दिया और इस घटना में मुंडा उनके दो गार्ड्स की भी हत्या हुई थी।