राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने झारखंड के पूर्व मंत्री गोपाल कृष्ण पातर उर्फ राजा पीटर को विधायक रमेश मुंडा की हत्या के मामले में नक्सलियों से सांठगांठ करने के आरोप में सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। जदयू विधायक मुंडा की हत्या नौ जुलाई 2008 में हुई थी। एनआइए के प्रवक्ता के मुताबिक, पातर की गिरफ्तारी सोमवार को रांची में हुई।
पातर की गिरफ्तारी एनआइए द्वारा झारखंड पुलिस के सहायक सबइंस्पेक्टर शेषनाथ सिंह की गिरफ्तारी के एक दिन बाद हुई। शेषनाथ ने ही कथित रूप से रमेश मुंडा की गतिविधियों की जानकारी नक्सलियों को दी थी। मुंडा की हत्या उस वक्त कर दी गई थी जब वह अपने चुनाव क्षेत्र तमाड़ के बुंडू में भाषण दे रहे थे। इस हमले में उनके दो सुरक्षा गार्ड भी मारे गए थे।
गौरतलब है कि पातर 2009 में तब चर्चा में आए थे, जब उन्होंने तमाड़ विधानसभा उपचुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रमुख शिबू सोरेन को हरा दिया था। पातर अर्जुन मुंडा सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। उन्हें जदयू की राज्य इकाई का अध्यक्ष भी बनाया गया था। 2014 के विधानसभा चुनाव से पहले वह भाजपा में शामिल हो गए थे, लेकिन टिकट नहीं मिलने पर वह निर्दलीय चुनाव लड़े लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।