झारखंड के देवघर में हुए रोपवे हादसे को लेकर मंगलवार को भाजपा सांसद दीपक प्रकाश ने राज्य सरकार पर आरोप लगाए थे। बुधवार को राज्य आपदा प्रबंधन मंत्री बन्ना गुप्ता ने स्वीकार किया कि कुछ चूक हुई हैं और आश्वासन दिया कि मामले की जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बन्ना गुप्ता ने कहा, 'हमारे मुख्यमंत्री (हेमंत सोरेन) इस मामले को लेकर बहुत गंभीर हैं। उन्होंने खुद इसका संज्ञान लिया है और मामले की जांच शुरू करने का निर्देश दिया है। इसके लिए एक समिति का गठन भी कर दिया गया है। पूरी सरकार चिंतित और गंभीर है। यह हादसा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था।'
बीते रविवार को देवघर में बाबा बैद्यनाथ मंदिर के पास स्थित त्रिकूट पर्वत पर एक रोपवे की कुछ केबिन कार आपस में टकरा गई थीं। इस दर्दनाक हादसे में कुल तीन लोगों की मौत हुई है, जिनमें से दो लोगों की जान हेलीकॉप्टर से किए जा रहे बचाव कार्य के दौरान नीचे गिर जाने की वजह से चली गई।
रोपवे की केबल कार में हुई टक्कर के बाद करीब 48 पर्यटक डेढ़ से दो हजार फीट की ऊंचाई पर 25 केबल कारों में फंस गए थे। इन्हें बचाने के लिए पहले राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीम ने काम शुरू किया था। बाद में इस कार्य में वायु सेना की मदद भी ली गई थी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये और घायलों के निशुल्क इलाज का एलान किया है। उन्होंने हादसे की जांच के लिए उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने और समिति में रोपवे से संबंधित विशेषज्ञों को शामिल किए जाने का निर्देश दिया है।