देश में तंबाकू चबानेवालों की संख्या काफी ज्यादा है। वहीं झारखंड को तंबाकू की खपत को नियंत्रित करने प्रयासों के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने विश्व तंबाकू निषेध दिवस (डब्ल्यूएनटीडी) पुरस्कार-2022 के लिए चुना है। इसकी जानकारी एक अधिकारी ने दी।
झारखंड के राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) के नोडल अधिकारी ललित रंजन पाठक ने बताया कि 31 मई को नई दिल्ली में विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग का स्टाटा तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ पुरस्कार ग्रहण करेगा।
रंजन पाठक ने कहा कि यह झारखंड के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जो केवल राजनीतिक और प्रशासनिक समर्थन के कारण ही संभव हो सका है, जो कि कार्यक्रम को लागू करने में तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ को मिला है।
ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे (जीएटीएस)-1 की रिपोर्ट के अनुसार, एनटीसीपी 2012 में झारखंड में शुरू किया गया था, जब राज्य में तंबाकू प्रसार दर 51.1 प्रतिशत थी, जिसमें से 48 फीसदी धूम्रपान रहित उपयोगकर्ता थे।
2018 में प्रकाशित हुई रिपोर्ट में कहा गया कि राज्य में तंबाकू सेवन करने वालों की संख्या घटकर 38.9 प्रतिशत हो गई, जिनमें से 35.4 प्रतिशत धूम्रपान रहित उपयोगकर्ता थे।
रंजन पाठक ने कहा कि इसे और नीचे लाने के लिए, झारखंड ने 2018 और 2022 के बीच कई उपायों की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, डब्ल्यूएचओ और समर्पित राज्य और जिला स्वास्थ्य टीमों ने झारखंड में तंबाकू प्रसार दर को कम करने में बहुत योगदान दिया है।