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Jharkhand: उत्तराखंड की निर्माणाधीन टनल में फंसे कुछ मजदूर झारखंड के भी, 3 सदस्यीय प्रतिनिधमंडल मौके पर जाएगा

Mon, 13 Nov 2023 08:19 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

बीते रविवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे सिलक्यारा सुरंग के मुहाने से करीब 230 मीटर अंदर भारी भूस्खलन हुआ था, जिससे सुरंग बंद हो गई थी। इससे सुरंग की खोदाई में लगे 40 मजदूर वहीं अंदर फंस गए थे।
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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन - फोटो : ट्विटर/हेमंत सोरेन
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विस्तार
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उत्तराखण्ड के उत्तरकाशी जिले में निर्माणाधीन टनल के अचानक धंस जाने से कुल 40 श्रमिकों के टनल में फंस जाने की घटना पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दुख जताया। उन्होंने कहा कि 40 श्रमिकों के टनल में फंसे  होने की सूचना मिली, जिसमें कुछ श्रमिक झारखंड से भी हैं। राज्य के श्रमिक भाइयों की मदद के लिए राज्य सरकार का तीन सदस्यीय प्रतिनिधमंडल उत्तराखंड भेजा जा रहा है। टनल में फंसे हुए सभी श्रमिकों की शीघ्र कुशलता की कामना करता हूं।

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दरअसल, यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग में भूस्खलन से 40 मजदूर पिछले 34 घंटे से फंसे हुए हैं, जिन्हें बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन सोमवार को दूसरे दिन भी जारी है। अच्छी खबर है कि मजदूरों से वॉकी-टॉकी पर बात हुई है, जिसमें उन्होंने बताया कि वे सभी सुरक्षित हैं। मजदूरों ने रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी टीम से खाना मांगा, जिस पर उन्हें पाइपलाइन के जरिए चने व ड्राई फूड के पैकेट भेजे गए हैं। वहीं सुरंग से मलबा हटाने का काम भी लगातार जारी है। 

बीते रविवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे सिलक्यारा सुरंग के मुहाने से करीब 230 मीटर अंदर भारी भूस्खलन हुआ था, जिससे सुरंग बंद हो गई थी। इससे सुरंग की खोदाई में लगे 40 मजदूर वहीं अंदर फंस गए थे। घटना की सूचना के बाद से पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी के करीब 150 से अधिक जवान राहत एवं बचाव कार्य में लगे हुए हैं।
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60 मीटर दायरे में आए भारी मलबे से बंद है सुरंग
सिलक्यारा सुरंग 60 मीटर दायरे में भूस्खलन के चलते आए मलबे से बंद है। सीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि सोमवार साढ़े दस बजे तक करीब 25 मीटर तक मलबा हटाया गया। लेकिन मलबा गिरना बंद नहीं हो रहा है। मलबे को सीमेंट के जरिए रोककर हटाया जा रहा है। पहले भूर-भूरा से मलबा आ रहा था अब हार्ड चट्टानी मलबा व बोल्डर आ रहे हैं। इसे देखकर लग रहा है कि अब मलबा आना बंद हो सकता है।

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