देवेंद्र महतो का अनशन मंत्री इरफान अंसारी ने तुड़वाया
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मंत्रियों ने सदर अस्पताल जाकर अनशन तुड़वाया
झारखंड के मुख्यमंत्री ने सोमवार शाम जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा और टीडीपीएल द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की। इसके बाद छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने आधी रात के बाद सदर अस्पताल, रांची में मंत्री दीपिका पांडे सिंह और इरफान अंसारी की मौजूदगी में अपनी भूख हड़ताल खत्म की।
देवेंद्र महतो ने डॉक्टरों की सलाह के खिलाफ अस्पताल छोड़ा
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश कुमार ने अनशन कर रहे आंदोलनकारियों की सेहत से जुड़े सवाल पर कहा, उनकी स्वास्थ्य की स्थिति सामान्य है, लेकिन अस्पताल ने उन्हें आधिकारिक तौर पर छुट्टी नहीं दी है। वे एक बयान पर हस्ताक्षर करने के बाद जा रहे हैं जिसमें उन्होंने स्वीकार किया है कि वे अपने जोखिम पर अस्पताल से जा रहे हैं। उनकी स्वास्थ्य जांच और स्थिर होने के बाद उन्हें कल या परसों छुट्टी दी जानी थी। हालांकि, फिलहाल वे चिकित्सकीय सलाह के विरुद्ध (LAMA) अस्पताल से जा रहे हैं।
झारखंड में अनशन समाप्त होने के बाद छात्र नेता
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झारखंड में आंदोलनकारियों को क्या हासिल हुआ?
जेपीएससी और जेएसएससी में गड़बड़ियों के खिलाफ बीते करीब एक महीने से आंदोलन कर रहीं, झारखंड की छात्र नेता उम्मे हबीबा ने कहा, हमारी सरकार ने यह साबित कर दिया है कि यह आदिवासियों और स्वदेशी लोगों की सरकार है—एक ऐसी सरकार जो वास्तव में उनके हितों की परवाह करती है। उन्होंने यह दिखाया है कि 'हेमंत है तो हिम्मत है'... मैं मुख्यमंत्री जी को इतना महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए हार्दिक धन्यवाद देना चाहती हूं—विशेष रूप से जटिल सीजीएल भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने का आश्वासन देने के लिए। मैं राहुल गांधी को भी धन्यवाद देना चाहती हूं, जिनके प्रतिनिधियों ने लगातार हमसे मिलकर समर्थन और आश्वासन दिया। मैं रियाज अहमद को भी हमारे साथ खड़े रहने के लिए हार्दिक धन्यवाद देती हूं... मैं इरफान अंसारी और दीपिका पांडे के साथ-साथ जयराम महतो और देवेंद्र महतो सहित सभी को धन्यवाद देती हूं। सभी ने मिलकर ये लड़ाई लड़ी है।'
आंदोलन का चेहरा बने देवेंद्र महतो ने क्या कहा?
अनशन खत्म होने के बाद छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, 'हमारी भूख हड़ताल 16वें दिन गरिमापूर्ण तरीके से समाप्त हुई है। झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, मंत्री दीपिका पांडे और हमारे विधायक जयराम महतो की संयुक्त पहल के लिए धन्यवाद। हम सांविधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से जिन मांगों के लिए आंदोलन कर रहे थे, वे पूरी हो गई हैं। हम अपने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को समाप्त करने की घोषणा कर रहे हैं। हम भावी सुधारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। झारखंड सरकार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राहुल गांधी ने आज जो उदारता दिखाई है, इसके लिए हार्दिक आभार। आज लिया गया निर्णय आसान नहीं था। खास तौर पर जब सीजीएल परीक्षा की नियुक्तियां और ज्वाइनिंग प्रक्रियाएं पहले ही हो चुकी हैं। छात्रों की ओर से विरोधाभासी दलीलें आ रही थीं कि उनके मामले वास्तविक हैं। फिर भी, निष्पक्ष और ईमानदारी से जांच करके और सभी के लिए आगे का रास्ता ढूंढकर, सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
आंदोलनकारियों का अनशन समाप्त, मंत्री क्या बोले?
झारखंड सरकार में मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने छात्र नेताओं का अनशन समाप्त करवाने के बाद मीडिया से कहा, झारखंड में शुरू हुए महत्वपूर्ण छात्र आंदोलन, विशेष रूप से सुधारों से संबंधित आंदोलन के प्रति सरकार हमेशा से संवेदनशील रही है। मुख्यमंत्री आंदोलन की गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रहे हैं और राहुल गांधी ने भी लगातार छात्रों के हितों की वकालत की है।
निष्पक्ष जांच का वादा, IAS अमिताभ कौशल की समिति क्या करेगी?
बकौल दीपिका पांडे सिंह, 'आज हम आंदोलनकारियों को धन्यवाद देना चाहते हैं। आपने राज्य और छात्रों दोनों के हित में शांतिपूर्ण और रचनात्मक तरीके से जो आंदोलन चलाया, वह अब अत्यंत गरिमापूर्ण ढंग से समाप्त हो रहा है। सरकार ने आपकी सभी मांगों को मान लिया है और हम आपको विश्वास दिलाते हैं कि जांच निष्पक्ष होगी; किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा... मुख्यमंत्री ने आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक समिति के गठन की घोषणा पहले ही कर दी है। सभी हितधारकों से परामर्श के बाद झारखंड के छात्रों की तरफ से प्रस्तावित सुधारों का मसौदा तैयार किया जाएगा। इससे एक ऐसा मॉडल बनेगा जिसका पूरा देश अनुकरण करेगा।'
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इरफान अंसारी ने देवेंद्र महतो की सेहत पर क्या कहा?
आंदोलनकारियों से मुलाकात करने के बाद मंत्री इरफान अंसारी ने कहा, देवेंद्र महतो, उम्मे हबीबा और राहुल क्रांति ने स्वेच्छा से अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने की पहल की है। हमने उन्हें जूस पिलाकर उनका अनशन तोड़ने में मदद की। दीपिका पांडे और जयराम महतो के सामूहिक प्रयासों से आज चल रहा आंदोलन औपचारिक रूप से समाप्त हो गया है। सरकार ने आंदोलनकारियों की सभी मांगें मान ली हैं। मुद्दे महत्वपूर्ण और बड़े हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं के हित में ऐतिहासिक निर्णय लिया है। देवेंद्र महतो की सेहत पर इरफान अंसारी ने कहा, 'उनका पूरा मेडिकल चेकअप किया गया है और उन्हें छुट्टी दी जा रही है। तीनों स्वस्थ हैं; कोई समस्या नहीं है—उनका रक्तचाप और रक्त शर्करा का स्तर सामान्य है। मुझे मिली जानकारी के अनुसार, सब ठीक है।'
देवेंद्र महतो बोले- CM हेमंत नीत सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लेने का साहस दिखाया
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य लोकसेवा आयोग की तरफ से आयोजित जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा और विवादित एजेंसी- टीडीपीएल की तरफ से आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की है। राज्य सरकार के इस फैसले पर बीते करीब एक महीने से आंदोलन कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, भूख हड़ताल के 16वें दिन झारखंड सरकार को इतना महत्वपूर्ण निर्णय लेने का साहस दिखाने के लिए धन्यवाद।
संघर्ष 2 जुलाई को शुरू हुआ था...
देवेंद्र महतो ने कहा, झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में गड़बड़ी के खिलाफ यह संघर्ष 2 जुलाई को शुरू हुआ था... 20 जुलाई को मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद, 28 जुलाई को सीआईडी जांच शुरू की गई। जांच पूरी तरह से की जा रही है, किसी को भी नहीं बख्शा जा रहा है, यहां तक कि पूर्व मुख्य सचिव और जेपीएससी अध्यक्ष जैसे उच्च पदस्थ अफसरों पर भी कार्रवाई हो रही है।
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क्या सरकार ने छात्रों के हित में साहसिक कदम उठाए?
उन्होंने कहा, झारखंड सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लेने का साहस दिखाया है। परीक्षा रद्द करना एक बहुत बड़ी चुनौती थी। यह आसान फैसला नहीं था, क्योंकि जेएसएससी सीजीएल परीक्षा की भर्ती प्रक्रिया पहले ही जॉइनिंग स्टेज तक पहुंच चुकी थी और कई छात्र संभवतः अपनी सीटें सुरक्षित करा चुके हैं। फिर भी, हालात की गंभीरता को देखते हुए, सरकार ने छात्रों के हित में साहसिक कदम उठाया।
छात्र आंदोलन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने क्या कहा?
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जेपीएससी-जेएसएससी में गड़बड़ी और कर्मचारी चयन आयोग की स्नातक स्तरीय परीक्षा (जेएसएससी-सीजीएल ) की परीक्षा रद्द करने के फैसले के बाद कहा,