उग्र आंदोलन के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ता।
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एबीवीपी कार्यकर्ता कुमार दिव्यांशु ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं और छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, "हम विधानसभा की ओर जा रहे थे, तभी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के गुंडों ने हमें हिरासत में ले लिया।"
एक अन्य एबीवीपी कार्यकर्ता तुषार ने हिरासत में लिए गए लोगों को ले जा रही बस के सामने बैठकर विरोध जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें बिना किसी कारण के हिरासत में लिया जा रहा है और शांतिपूर्ण तरीके से विधानसभा मार्च की अनुमति देने की मांग की।
पुलिस वाहन के ऊपर चढ़े हुए कुछ प्रदर्शनकारी।
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प्रदर्शनकारी पुलिस वाहन के ऊपर भी चढ़ गए
प्रदर्शन के दौरान कई एबीवीपी कार्यकर्ता सड़क पर पुलिस वाहन के सामने लेट गए, जबकि कुछ प्रदर्शनकारी पुलिस वाहन के ऊपर भी चढ़ गए। एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा, "सरकार को याद रखना चाहिए कि वह लाखों छात्रों की आवाज को दबा नहीं सकती। हम कथित परीक्षा अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं और छात्रों के लिए अपनी आवाज उठा रहे हैं।"
चतरा जिले से रांची पहुंचीं एबीवीपी कार्यकर्ता प्रीति कुमारी ने कहा, "हम सरकार से पूछना चाहते हैं कि परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक क्यों हो रहे हैं? हम सीबीआई जांच की मांग करते हैं। हम दिन-रात पढ़ाई करते हैं ताकि नौकरी मिल सके, लेकिन बार-बार प्रश्नपत्र लीक हो जाते हैं और हमारे साथ मारपीट की जाती है। यह कैसा न्याय है?"
प्रदर्शन के दौरान की तस्वीर।
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प्रदर्शन के दौरान उसके 14 जवान घायल हुए-पुलिस
इससे पहले सोमवार, 10 अगस्त को हजारों नौकरी के अभ्यर्थियों ने विधानसभा की ओर मार्च किया था। प्रदर्शनकारियों ने कई बैरिकेड तोड़ दिए और पुलिस के साथ झड़प हुई थी। पुलिस ने जगन्नाथपुर मंदिर के पास प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछार की और आंसू गैस के गोले छोड़े थे। कई प्रदर्शनकारियों ने दावा किया था कि वे घायल हुए हैं। वहीं, रांची पुलिस ने बताया था कि प्रदर्शन के दौरान उसके 14 जवान घायल हुए।
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छात्र और नौकरी के अभ्यर्थी 25 जुलाई से आंदोलन कर रहे हैं। वे भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की कार्यप्रणाली में सुधार, कई परीक्षाओं को रद्द करने और CBI या झारखंड से बाहर के सेवानिवृत्त हाईकोर्ट के न्यायाधीशों की समिति से स्वतंत्र जांच कराने की मांग कर रहे हैं।