सार
Jharkhand: गुप्त सूचना मिलने पर लातेहार एसपी कुमार गौरव के नेतृत्व में एक टीम ने तलाशी अभियान शुरू किया। अभियान में शामिल एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जैसे ही माओवादियों ने सुरक्षा बलों को देखा, उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में हमारी टीम ने भी गोलियां चलाईं।
झारखंड के लातेहार जिले में शनिवार सुबह सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो माओवादी मारे गए, जिनमें झारखंड जन मुक्ति परिषद (JJMP) का सरगना पप्पू लोहरा भी शामिल था। पुलिस ने यह जानकारी दी। इस मुठभेड़ में एक माओवादी और एक पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि घायल पुलिसकर्मी अवध सिंह को बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर रांची भेजा गया है।
पुलिस के अनुसार, इस मुठभेड़ में मारे गए माओवादियों में पप्पू लोहरा जिसके सिर पर 10 लाख का इनाम था और संगठन का सब-जोनल कमांडर प्रभात गंझू शामिल है, जिसके सिर पर 5 लाख का इनाम घोषित था। यह संयुक्त अभियान केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और झारखंड पुलिस द्वारा लातेहार थाना क्षेत्र के इचाबार जंगल क्षेत्र में चलाया गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
पलामू के पुलिस उप महानिरीक्षक वाईएस रमेश ने पीटीआई को बताया कि मुठभेड़ में दो माओवादी मारे गए हैं। पुलिस ने उनके शव बरामद कर लिए हैं। रमेश ने पुष्टि की कि मुठभेड़ स्थल से लोहरा और गंझू के शव बरामद किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई में घायल एक अन्य वांछित माओवादी सदस्य, आशीष कुमार, को गिरफ्तार कर लिया गया है। तलाशी के दौरान एक इंसास राइफल भी बरामद हुई है।
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अधिकारियों ने बताया कि लोहरा और उसके साथियों की जंगल में मौजूदगी की गुप्त सूचना मिलने पर लातेहार एसपी कुमार गौरव के नेतृत्व में एक टीम ने तलाशी अभियान शुरू किया।अभियान में शामिल एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जैसे ही माओवादियों ने सुरक्षा बलों को देखा, उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में हमारी टीम ने भी गोलियां चलाईं।लोहरा पर लातेहार, लोहरदगा, गुमला, चतरा और पलामू समेत कई ज़िलों में हत्या, फिरौती और आगजनी जैसे 98 मामलों में केस दर्ज थे। वहीं, प्रभात गंझू पर 15 आपराधिक मामले दर्ज थे।
दोनों पर सितंबर 2021 में एक अभियान के दौरान झारखंड जगुआर के डिप्टी कमांडेंट राजेश कुमार की हत्या में शामिल होने का भी आरोप था। पलामू के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) सुनील भास्कर ने इस कार्रवाई को कानून-व्यवस्था के लिए एक बड़ी सफलता करार दिया और शेष माओवादियों से राज्य सरकार की आत्मसमर्पण नीति का लाभ उठाते हुए आत्मसमर्पण करने की अपील की।