एसडीपीओ ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नावागढ़ क्षेत्र के आसपास जेजेएमपी के उग्रवादी देखे गए हैं। सूचना के आधार पर विशेष टीम गठित कर छापेमारी अभियान चलाया गया। इसी दौरान दोनों उग्रवादियों को दबोच लिया गया।
झारखंड के उग्रवाद प्रभावित जिलों में शामिल लातेहार में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिले में सक्रिय उग्रवादी संगठन जेजेएमपी (झारखंड जन मुक्ति परिषद) के दो कुख्यात उग्रवादियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इससे क्षेत्र में दहशत फैलाने वाले संगठन को करारा झटका लगा है। सोमवार को सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) अरविंद कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी साझा की।
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एसडीपीओ ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नावागढ़ क्षेत्र के आसपास जेजेएमपी के उग्रवादी देखे गए हैं। सूचना के आधार पर विशेष टीम गठित कर छापेमारी अभियान चलाया गया। इसी दौरान दोनों उग्रवादियों को दबोच लिया गया। गिरफ्तार उग्रवादियों की पहचान कृष्णा साहू उर्फ कृष्णा प्रसाद नरेशगढ़ और अमीन अंसारी, दोनों नावागढ़ निवासी, के रूप में हुई है।
अधिकारी ने बताया कि दोनों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। इनके खिलाफ लातेहार थाना समेत कई थानों में मामले दर्ज हैं। पुलिस को लंबे समय से इनकी तलाश थी। इन दोनों की गिरफ्तारी से जेजेएमपी की गतिविधियों पर रोक लगेगी और स्थानीय लोगों में भी पुलिस के प्रति भरोसा और बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि उग्रवादियों की गिरफ्तारी संगठन की कमर तोड़ने वाली साबित होगी, क्योंकि ये इलाके में वसूली और दहशत फैलाने का काम करते थे। ग्रामीणों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई को सराहा है।
छापेमारी अभियान का नेतृत्व एसडीपीओ अरविंद कुमार ने स्वयं किया। इस दौरान प्रभारी थानेदार सुरेंद्र कुमार महतो, पुअनि राहुल सिन्हा, विक्रांत उपाध्याय, सअनि सोनू कुमार कोने पी सहित पुलिस बल के कई जवान शामिल थे। सभी ने साहसिक भूमिका निभाते हुए उग्रवादियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
लातेहार जिला लंबे समय से उग्रवाद की समस्या से जूझता रहा है। यहां जेजेएमपी, टीएसपीसी और माओवादी संगठनों की सक्रियता बनी रही है। ऐसे में दो उग्रवादियों की गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आगे भी ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे, ताकि जिले से उग्रवाद की जड़ें पूरी तरह खत्म की जा सकें।