झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के सह-संस्थापक शिबू सोरेन के 'श्राद्ध' समारोह के लिए उनके पैतृक गांव नेमरा में व्यापक तैयारियां की गई हैं। यह समारोह शनिवार 16 अगस्त 2025 को रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में आयोजित हो रहा है, जो रांची से लगभग 70 किलोमीटर दूर है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति इस समारोह में शामिल होने की संभावना है। 81 वर्षीय शिबू सोरेन का निधन दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान हुआ, जिसने झारखंड के एक राजनीतिक युग का अंत कर दिया। उनकी विरासत, विशेष रूप से आदिवासी आंदोलन और झारखंड राज्य के निर्माण में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
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नेमरा में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था
'श्राद्ध' समारोह में भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि नेमरा में एक समर्पित कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जो सार्वजनिक सुरक्षा और यातायात नियमन का प्रबंधन करेगा। सुरक्षा व्यवस्था में 10 आईपीएस अधिकारी, 60 डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस, 65 इंस्पेक्टर और 2,500 से अधिक पुलिस कर्मी शामिल हैं। पुलिस, प्रशासनिक कर्मचारी और स्वयंसेवकों की बहु-एजेंसी टीमें 24/7 काम करेंगी ताकि भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन प्रतिक्रिया और कानून-व्यवस्था सुनिश्चित हो। यह व्यवस्था समारोह को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए की गई है।
आदिवासी रीति-रिवाजों के साथ समारोह
'श्राद्ध' समारोह की तैयारियां आदिवासी रीति-रिवाजों के अनुसार की जा रही हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पांच अगस्त से नेमरा गांव में डेरा डाले हुए हैं और उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को परिवहन, स्वच्छता, भोजन वितरण, स्वास्थ्य सेवाओं, आवास और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए समन्वय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। समारोह में शामिल होने वाले लोगों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि शिबू सोरेन, जिन्हें प्यार से 'गुरुजी' कहा जाता था, को सम्मानपूर्वक विदाई दी जा सके।
सुविधाओं का व्यापक प्रबंधन
आगंतुकों की सुविधा के लिए आयोजन स्थल पर कई व्यवस्थाएं की गई हैं। पार्किंग क्षेत्रों और समारोह स्थल के बीच आवागमन के लिए 300 से अधिक ई-रिक्शा संचालित किए जाएंगे। तीन बड़े पार्किंग क्षेत्र विकसित किए गए हैं, जिनमें बायो-टॉयलेट की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा, विश्राम क्षेत्र और समर्पित पैदल मार्ग बनाए गए हैं ताकि लोगों को कोई असुविधा न हो। भोजन के लिए तीन बड़े डाइनिंग पंडाल बनाए गए हैं, जहां पारंपरिक 'श्राद्ध' भोजन और प्रसाद परोसा जाएगा। ये इंतजाम समारोह में शामिल होने वाले लोगों के लिए सुगम और सम्मानजनक अनुभव सुनिश्चित करेंगे।
शिबू सोरेन की विरासत का प्रदर्शन
शिबू सोरेन के जीवन और विरासत को याद करने के लिए एक विशेष प्रदर्शनी और स्मृति गैलरी स्थापित की जा रही है। इस गैलरी में उनकी दुर्लभ तस्वीरें, ऐतिहासिक दस्तावेज और उनके राजनीतिक जीवन के प्रमुख पड़ावों को प्रदर्शित किया जाएगा। विशेष रूप से उनके आदिवासी कल्याण और सार्वजनिक सेवा में योगदान को हाइलाइट किया जाएगा। यह प्रदर्शनी 'गुरुजी' के संघर्ष, उनके झारखंड आंदोलन में योगदान और राज्य के निर्माण में उनकी भूमिका को जीवंत करेगी। यह गैलरी लोगों को उनके जीवन से प्रेरणा लेने का अवसर प्रदान करेगी।
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भारी जनभागीदारी की उम्मीद
'श्राद्ध' समारोह में भारी जनभागीदारी की उम्मीद है, क्योंकि शिबू सोरेन झारखंड के एक लोकप्रिय और सम्मानित नेता थे। उनके निधन ने न केवल जेएमएम समर्थकों, बल्कि पूरे राज्य में लोगों को गहरे दुख में डुबो दिया है। लोग उनके योगदान को याद करने और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए नेमरा पहुंच रहे हैं।
मुख्यमंत्री और अधिकारियों की सक्रियता
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस समारोह को गरिमामय बनाने के लिए व्यक्तिगत रूप से निगरानी की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से हों, ताकि 'श्राद्ध' समारोह में शामिल होने वाले लोगों को कोई असुविधा न हो। उनकी सक्रियता और समर्पण ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया है।