झारखंड में बढ़ती अपराधिक घटनाओं को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो चुकी है। पिछले दिनों विधानसभा सत्र के आखिरी दिन भाजपा विधायकों ने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग कर दी। चंपाई सोरेन द्वारा दिया गया बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया।
चंपाई सोरेन के बयान पर पलटवार करते हुए झारखंड सरकार में शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने कहा, अब चंपाई सोरेन भाजपा के द्वारा सिखाई गई भाषा का उपयोग करने लगे हैं, वो भूल जा रहे हैं। भाजपा शाशित राज्यों में कितना अपराध हो रहा है। राज्य की हेमंत सरकार क्राइम कंट्रोल करने के लिए लगातार प्रयासरत है और जो अपराधिक घटनाएं घटी निश्चित तौर पर दोषियों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
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'भाजपा को आदिवासी नेता चंपाई सोरेन का सम्मान कर उन्हें राज्यसभा भेजना चाहिए'
भाजपा नेता सह पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन पर चुटकी लेते हुए शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने कहा, चंपाई सोरेन हमारे पुराने साथी रह चुके हैं। हम लोगों ने एक साथ झामुमो में लंबे अरसे तक काम किया। लेकिन भाजपा द्वारा गुमराह किए जाने पर वो भाजपा में गए कारण है, उन्हें लगा वो मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्हें भाजपा में उचित सम्मान मिलेगा। लेकिन भाजपा ने उन्हें कितना सम्मान दिया। वो वर्तमान में दिख रहा है।
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झामुमो ने चंपाई सोरेन को सम्मान देने का काम किया, मंत्री बनाया गया। फिर मुख्यमंत्री, लेकिन वो भाजपा के बिछाए गए जाल में फंस गए। भाजपा खुद को आदिवासियों की हितैषी बताती है तो भाजपा नेतृत्व को अविलंब चंपाई सोरेन को सम्मान देकर राज्यसभा भेजना चाहिए, तभी समाज में संदेश जाएगा कि भाजपा आदिवासी समाज को उचित सम्मान देती है।