नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थन में लोहरदगा में 23 जनवरी को आयोजित जुलूस पर पथराव के बाद हुई हिंसा के चलते यहां उत्पन्न तनाव को देखते हुए पूरे लोहरदगा में कर्फ्यू लगा दिया गया था। कर्फ्यूग्रस्त लोहरदगा जिले में गुरुवार को दो चरणों में छह घंटे की ढील दी गई। इस दौरान स्थिति सामान्य बनी रही। हालात में सुधार के को देखते हुए प्रशासन ने शुक्रवार से जिले में सभी सरकारी दफ्तर खोलने की घोषणा की है।
आईजी ने बताया कि 23 जनवरी को सीएए समर्थक जुलूस पर पथराव के बाद भड़की हिंसा को लेकर अब तक 15 एफआईआर दर्ज हुई हैं और पुलिस ने 26 लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। इसके अलावा 97 लोगों से बांड भरवाए गए हैं।
ड्रोन कैमरे से शहर और आसपास के इलाके में लगातार निगरानी की जा रही है। क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए शनिवार को झारखंड पुलिस के अतिरिक्त बलों की लगभग 15 कंपनियां, 100 एसआई / इंस्पेक्टर और 15 डीएसपी अतिरिक्त रूप से तैनात किए गए थे। शांति बनाए रखने के लिए जिले के तमाम स्कूल कॉलेजों को बंद कर दिया गया था।