झारखंड में चार चरण में होने वाले पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में गुरुवार को 38.82 लाख मतदाताओं लगभग 68 फीसदी लोगों ने मतदान किया। पूर्वी सिंहभूम जिले में सबसे अधिक 75.50 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि पड़ोसी पश्चिमी सिंहभूम में सबसे कम 57.83 प्रतिशत मतदान हुआ।
5,123 पंचायत सदस्यों, 866 प्रधानों, 938 पंचायत समिति सदस्यों और 102 जिला परिषद सदस्यों के चुनाव के लिए गुरुवार को कुल 872 पंचायतों में मतदान हुआ। कुल 21,872 उम्मीदवार मैदान में हैं। दूसरे चरण में अब तक 5,093 सीटों पर निर्विरोध चुनाव हो चुका है।
राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कुछ घटनाओं को छोड़कर, 16 जिलों में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। कुल मिलाकर 68.15 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
गिरिडीह में, एक मुखिया उम्मीदवार को बेंगाबाद थाना क्षेत्र के एक बूथ पर एक मतदान कर्मचारी को कथित रूप से पीटने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधान प्रत्याशी बिभा देवी सुबह करीब नौ बजे अपने समर्थकों के साथ बेंगाबाद पंचायत के अपग्रेडेड मिडिल स्कूल के बूथ नंबर-3 पर पहुंचीं और मतदान बंद कर दिया। उन्होंने चुनाव में धांधली करने की कोशिश की।
गिरिडीह अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) अनिल सिंह ने बताया कि मतदान कर्मियों ने धांधली करने पर जब उनका विरोध किया तो उन्होंने एक कर्मचारी की पिटाई कर दी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और एक घंटे के बाद मतदान शुरू हो गया।
वहीं खूंटी में मतदाताओं ने दो बूथों- 185 (सरकारी प्राथमिक विद्यालय, फतका पूर्व) और 186 (सरकारी प्राथमिक विद्यालय, फतका पश्चिम) पर मतदान का बहिष्कार किया। बूथ संख्या 185 के लिए 483 और बूथ संख्या 186 के लिए 435 मतदाता नामांकित थे। मतदाता मतदान केंद्रों को स्थानांतरित करने का विरोध कर रहे थे।
फतका निवासी और मुखिया प्रत्याशी डोंडे होरो ने कहा कि मतदान केंद्रों को गांव से करीब आठ किमी दूर ग्यारहवें घंटे में स्थानांतरित कर दिया। वहीं खूंटी के उपायुक्त शशि रंजन ने कहा कि सुरक्षा कारणों से मतदान केंद्रों को बदला गया है। उन्होंने कहा कि मतदाताओं को बहुत पहले ही सूचित कर दिया गया था। मतदाताओं के लिए वाहनों की भी व्यवस्था की गई थी, लेकिन वे मतदान के लिए नहीं पहुंचे।