ईडी ने पिछले साल 16 सितंबर को पंकज मिश्रा और उनके दो सहयोगियों- बच्चू यादव और प्रेम प्रकाश के खिलाफ रांची में विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत के समक्ष आरोपपत्र दायर किया था।
झारखंड हाईकोर्ट ने मंगलवार को अवैध खनन से जुड़े धनशोधन के एक मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पूर्व राजनीतिक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा की जमानत याचिका खारिज कर दी। मिश्रा को पिछले साल जुलाई में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार किया था।
न्यायमूर्ति गौतम कुमार चौधरी ने मामले में दलीलें सुनने के बाद मिश्रा की जमानत अर्जी खारिज कर दी। ईडी ने पिछले साल 16 सितंबर को मिश्रा और उनके दो सहयोगियों- बच्चू यादव और प्रेम प्रकाश के खिलाफ रांची में विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत के समक्ष आरोपपत्र दायर किया था।
ईडी ने पहले एक बयान में आरोप लगाया था कि पीएमएलए की जांच से पता चला है कि पंकज मिश्रा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रतिनिधि होने के नाते अवैध खनन व्यवसायों के साथ -साथ साहिबगंज और उसके आस -पास के क्षेत्रों में अपने सहयोगियों के जरिये अंतर्देशीय नौका सेवाओं को नियंत्रित करता है। बयान में दावा किया गया था कि पंकज साहिबगंज के विभिन्न खनन साइटों में स्टोन चिप्स और बोल्डर के खनन के साथ-साथ कई क्रशर मशीनों की स्थापना और संचालन पर नियंत्रण रखता है।