झारखंड के जमशेदपुर की एक अदालत ने मंगलवार को प्रेमिका की निर्मम हत्या करने के मामले में एक सहायक पुलिस उपनिरीक्षक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पुलिसकर्मी ने अपनी प्रेमिका की गला घोंटकर और सिर कुचलकर मार डाला था।
हत्या करने के बाद तालाब में फेंक दिया था शव
साकची पुलिस स्टेशन में तैनात 39 वर्षीय धर्मेंद्र कुमार सिंह ने नवंबर 2021 में कथित तौर पर वर्षा पटेल की हत्या कर दी और उसके शव को एक तालाब में फेंक दिया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित कुमार मिश्रा ने आरोपी पुलिसकर्मी को आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
छुट्टी लेकर की थी प्रेमिका की हत्या
साउथ पार्क निवासी 32 वर्षीय वर्षा 12 नवंबर, 2021 को लापता हो गई थी और उसकी बहन जया ने बिष्टुपुर पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस के मुताबिक, धर्मेंद्र कुमार सिंह के वर्षा के साथ पिछले एक साल से संबंध थे। पुलिस पूछताछ के दौरान धर्मेंद्र ने बताया कि वह बार-बार पैसे ऐंठने के लिए उसे ब्लैकमेल कर रही थी और बिहार के भोजपुर जिले में उसके पैतृक गांव जाने से भी रोक रही थी। ब्लैकमेलिंग से तंग आकर धर्मेंद्र ने ड्यूटी से छुट्टी ले ली और मारने की योजना बनाई।
शव को प्लास्टिक की थैली में भरकर फेंका
वह वर्षा को टेल्को क्षेत्र में अपने निवास स्थान पर ले गया। यहां पहले उसने वर्षा के सिर को कुचल दिया। उसके बाद गला दबाया। उसने वर्षा के शव को प्लास्टिक की थैली में भरकर टेल्को थाना क्षेत्र के एक तालाब में फेंक दिया। उसका सामान को सुबर्णरेखा नदी और उसके मोबाइल को बिष्टुपुर इलाके स्थित एक झाड़ी में फेंक दिया। 18 नवंबर को एक सफाई कर्मी को वर्षा का शव तालाब में सड़ी-गली हालत में दिखा था।
जूलरी और कपड़ों से हुई पहचान
पुलिस ने कहा कि वर्षा के परिवार के सदस्यों ने उसकी सोने की चूड़ियों, चेन और कपड़ों से शव की पहचान की। गहन जांच के बाद, कुछ संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया और सबूतों के आधार पर सिंह को उनके पैतृक गांव से गिरफ्तार किया गया।