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झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: 14 साल बाद मिला न्याय! तीन जूनियर इंजीनियरों को पिछली तिथि से प्रमोशन का आदेश

Wed, 04 Nov 2026 05:03 PM IST
राँची ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला,रांची

सार

झारखंड हाईकोर्ट ने जल संसाधन विभाग के तीन जूनियर इंजीनियरों को राहत देते हुए 20 नवंबर 2012 से सहायक अभियंता (मैकेनिकल) के पद पर प्रोन्नति देने का निर्देश दिया है। अदालत ने सरकार को 12 सप्ताह के भीतर प्रोन्नति का औपचारिक आदेश जारी करने और सभी परिणामी लाभ देने को कहा है।
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झारखंड हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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झारखंड उच्च न्यायालय ने जल संसाधन विभाग के तीन जूनियर इंजीनियरों को बड़ी राहत देते हुए राज्य सरकार को 20 नवंबर 2012 से सहायक अभियंता (मैकेनिकल) के पद पर प्रोन्नति देने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने विभाग के सचिव द्वारा इस वर्ष 19 जनवरी को जारी उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें इनकी पिछली तिथि से प्रोन्नति की मांग को ठुकरा दिया गया था। अदालत ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक सुस्ती और आधारहीन आपत्तियों के कारण याचिकाकर्ताओं को उनके वैध अधिकारों से वंचित नहीं रखा जा सकता।
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12 सप्ताह में औपचारिक आदेश जारी करने की समयसीमा
अदालत ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि वह आगामी आदेशों के तहत तीनों याचिकाकर्ताओं रॉबिन अजय सिंह, पंकज कुमार और संदीप कुमार को 20 नवंबर 2012 से सहायक अभियंता (मैकेनिकल) के पद पर प्रोन्नति प्रदान करे। इसके साथ ही सभी परिणामी वित्तीय एवं अन्य लाभ भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। पूरी प्रक्रिया संपन्न करने के लिए अदालत ने आदेश की प्रति प्राप्त होने के 12 सप्ताह के भीतर औपचारिक आदेश जारी करने की समयसीमा तय की है।

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अगली प्रोन्नति के मामलों पर भी नियमानुसार विचार का निर्देश
सुनवाई के दौरान विभाग ने सीबीआई जांच लंबित होने, वर्ष 2016 की नई नियमावली और अन्य वित्तीय नियमों का हवाला देकर प्रोन्नति देने से इंकार किया था, जिसे उच्च न्यायालय ने गलत ठहराया। अदालत ने कहा कि वर्ष 2012 में जब ये इंजीनियर प्रोन्नति के योग्य हुए थे, तब न तो उनके खिलाफ कोई विभागीय कार्यवाही शुरू हुई थी और न ही चार्जशीट दाखिल हुई थी। लिहाजा, बाद के नियमों या प्रारंभिक जांच का हवाला देकर उनके अधिकारों को नहीं छीना जा सकता। अदालत ने 2012 से सहायक अभियंता पद पर प्रोन्नति के पश्चात कार्यपालक अभियंता (मैकेनिकल) के पद पर भी नियमानुसार विचार का निर्देश दिया है।
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