झारखंड उच्च न्यायालय ने एक नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में पुलिस की लापरवाही को लेकर राज्य पुलिस की फटकार लगाई है। यह मामला मार्च का है, नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म जैसा जघन्य अपराध किया गया था और जलाकर उसकी हत्या कर दी थी।
राज्य पुलिस की ओर से मामले की जांच में लापरवाही की गई थी, जिसके बाद अब हाईकोर्ट ने डीजीपी को एसआईटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। पीड़िता के पिता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसकी सुनवाई करते हुए न्यायाधीश आनंद सेन ने कहा कि हाथरस सिर्फ उत्तर प्रदेश में ही नहीं, यहां झारखंड में भी है।
बता दें कि यूपी के हाथरस में हाल ही में एक बच्ची के साथ दुष्कर्म और बर्बरता का मामला सामने आया था, जिसके बाद पूरे देश में उस घटना के लिए आक्रोश था। हाथरस का उल्लेख करते हुए न्यायाधीश आनंद सेन ने कहा कि पोस्टमार्टम के अनुसार लड़की 100 फीसदी तक जल चुकी थी और उसका शरीर काला पड़ चुका था।
कोर्ट ने कहा कि इसकी जांच ठीक से नहीं की गई। कोर्ट ने कहा कि पीड़िता के स्बाब को 20 मई को प्रयोगशाला में भेजा गया और इसमें देरी होने के पीछे भी किसी स्पष्ट कारण को नहीं बताया गया। कोर्ट ने कहा कि इस तरह की लापरवाही पर हम अपनी आंखें बंद नहीं कर सकते हैं।
गिरीडीह के धनवार थाना में पीड़िता के पिता ने 30 मार्च को एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें आरोपी पिंटू पासवान का नाम शामिल थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि पिंटू पासवान ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और उस पर केरोसीन छिड़ककर आग लगा दी।
बच्ची के पिता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने हत्या और दुष्कर्म के मामले में ना ही कोई गिरफ्तारी की और ना ही कोई एक्शन लिया।