देवघर में शिव बारात के रूट को लेकर झारखंड हाईकोर्ट ने सांसद निशिकांत दुबे की याचिका खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि प्रशासन द्वारा तय रूट से ही शिव बारात निकलेगी। झारखंड हाईकोर्ट ने देवघर के उपायुक्त से कहा है कि वह प्रिंट मीडिया से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तक तय रूट का प्रचार प्रसार करें। डॉ. निशिकांत दुबे के वकील प्रशांत पल्लव ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन के पास इनपुट है कि देवघर में निकलने वाली शिव बारात के परंपरागत रूट पर कुछ गड़बड़ी हो सकती है। इसलिए रूट में बदलाव किया गया है।
बता दें कि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने महाशिवरात्रि के दिन देवघर में धारा 144 लगाने और शिव बारात का रूट निर्धारित करने के जिला प्रशासन के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जिस पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने भाजपा सांसद की याचिका खारिज करते हुए प्रशासन द्वारा तय रूट से ही शिव बारात निकालने के निर्देश दिए हैं।
देवघर शिवभक्तों की आस्था का केंद्र है और हर साल शिवरात्रि के मौके पर देवघर में शिव बारात निकालने की परंपरा रही है। इस साल भी उसकी तैयारी चल रही हैं लेकिन इसी बीच जिले के एसडीओ दीपांकर चौधरी ने आदेश जारी कर महाशिवरात्रि वाले दिन देवघर के कुछ हिस्सों में धारा 144 लगाने की बात कही। साथ ही शिव बारात का रूट भी तय किया गया था। भाजपा नेताओं का आरोप है कि हेमंत सरकार ने तुष्टिकरण की राजनीति के तहत ही देवघर के डीसी के माध्यम से ऐसा आदेश जारी करवाया है।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद शिव बारात संचालन समिति की बैठक होगी और उसमें आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। संचालन समिति के अध्यक्ष का कहना है कि समिति चाहती है कि बारात का संचालन बेहतर तरीके से हो और कहीं भी भगदड़ की स्थिति ना हो।