झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को रांची में एक अहम बैठक की। सीएम के आवास पर हुई बैठक में सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायक शामिल हुए। बैठक के बाद कांग्रेस नेता और झारखंड के मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (आर) की गठबंधन सरकार बहुमत में है। हमें आगे भी राज्य के विकास के लिए काम करना होगा। गुप्ता ने बताया कि बैठक में राज्य का कैसे सर्वांगीण विकास हो और कैसे जनता की आशा और आकांक्षाओं की पूर्ति हो इन सभी मुद्दों पर गंभीरतापूर्वक विचार हुआ है।
क्या है मामला?
झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार को गिराने की साजिश रचने में कथित रूप से शामिल होने के आरोप में पश्चिम बंगाल पुलिस ने 30 जुलाई को तीन विधायकों सहित कुल पांच लोगों को 49 लाख रुपये नकद के साथ गिरफ्तार किया था।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आरक्षण के मुद्दे पर पैनल गठन के लिए दी मंजूरी
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को एक पैनल के गठन को मंजूरी दी है। ये पैनल अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण से संबंधित मुद्दों पर उनकी सरकार को सुझाव देगा। दरअसल, झामुमो के नेतृत्व वाली हेमंत सरकार, सरकारी नौकरियों और सरकारी उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश के लिए अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और ओबीसी के लिए कोटा बढ़ाने पर विचार कर रही है। सरकार द्वारा गठित पैनल झारखंड में एससी, एसटी और ओबीसी के लिए आरक्षण सीमा बढ़ाने से संबंधित सभी मुद्दों पर विचार करेगी और राज्य सरकार को सुझाव देगी।
साथ ही सरकार के बयान में बकाया गया है कि सीएम ने गुमला में कुछ लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इन लोगों ने छोटानागपुर किरायेदारी अधिनियम (सीएनटी अधिनियम) और संथाल परगना किरायेदारी अधिनियम में संशोधन का विरोध करने के लिए पत्थलगड़ी आंदोलन का समर्थन किया था। इस मामले में गुमला पुलिस स्टेशन में 2016 में मामले दर्ज किए गए थे।