झारखंड सरकार ने विभिन्न रामनवमी पूजा समितियों और राजनीतिक दलों की मांगों के मद्देनजर शुक्रवार को धार्मिक जुलूस की समय-सीमा रात 10 बजे तक बढ़ा दी। राज्य सरकार ने 30 मार्च को अपने पहले के आदेश में शाम 6 बजे तक जुलूस की अनुमति दी थी। हालांकि किसी भी धार्मिक जुलूस में शामिल होने वाले लोगों की संख्या में कोई ढील नहीं दी गई। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से शुक्रवार को जारी एक आदेश में कहा गया है कि धार्मिक जुलूस रात 10 बजे से अधिक समय तक नहीं होना चाहिए।
रामनवमी का पर्व 10 अप्रैल को मनाया जाएगा। इस अवसर पर राज्य के कोने-कोने में बड़ी संख्या में जुलूस निकाले जाते हैं। मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी, दक्षिणपंथी संगठनों और सत्तारूढ़ दलों के नेताओं के एक वर्ग ने समय-सीमा में ढील देने और जुलूस में भाग लेने वाले लोगों की संख्या को लेकर राहत देने की मांग की थी। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने गुरुवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की और उनसे समय सीमा बढ़ाने और रामनवमी उत्सव के लिए जुलूस में श्रद्धालुओं की संख्या में छूट देने का अनुरोध किया।
पिछले आदेश के मुताबिक, किसी भी धार्मिक जुलूस में व्यक्तियों की संख्या 100 तक ही होनी चाहिए। भले ही कई जुलूस एक स्थान पर आकर एकत्रित हों या जुलूस के स्वागत के लिए व्यवस्था की गई हो, व्यक्तियों की कुल संख्या 1,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए। आदेश में कहा गया है कि पहले से रिकॉर्ड किया गया संगीत या डीजे बजाना भी प्रतिबंधित होगा। रामनवमी पूजा समिति चुटिया के संयोजक विजय साहू ने कहा कि समय सीमा बढ़ाने के सरकार के फैसले का हम स्वागत करते हैं। लेकिन, सरकार को जुलूस में लोगों की संख्या बढ़ाने की मांग पर भी विचार करना चाहिए था।