झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने शुक्रवार को राजधानी रांची से करीब 165 किलोमीटर दूर नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने 130 मेधावी छात्रों को प्रशस्ति पत्र और स्वर्ण पदक वितरित किए।
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यदि छात्र कड़ी मेहनत करते हैं तो उनका करियर ग्राफ उज्जवल होगा। उन्होंने उन्हें हमेशा खुश रहने की सलाह भी दी। दरअसल, राज्यपाल ने पाया कि दीक्षांत समारोह में डिग्री और पदक प्राप्त करते समय उन्होंने छात्रों के चेहरे पर मुस्कान नहीं देखी। इस पर उन्होंने छात्रों से मुस्कुराते रहने की अपील की।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की स्थापना 17 जनवरी 2009 को स्वतंत्रता सेनानियों नीलांबर और पीतांबर के नाम पर हुई थी। दोनों भाइयों ने ब्रिटिश शासन से लड़ते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था और उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने पलामू में ब्रिटिश सरकार के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया था।
राज्यपाल ने लेफ्टिनेंट अनुराग शुक्ला को मरणोपरांत सम्मानित किया और उनके पिता जितेंद्र शुक्ला और उनकी पत्नी को स्वर्ण पदक प्रदान किया। लेफ्टिनेंट शुक्ला 2017-18 के दौरान विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के छात्र थे। पलामू जिले के मेदिनीनगर ब्लॉक के सिंगरा खुर्द गांव के निवासी लेफ्टिनेंट शुक्ला ने अप्रैल 2019 में राजस्थान के गंगानगर जिले में सेना के अभ्यास के दौरान डूब रहे एक जवान को बचाते हुए अपनी जान गंवा दी थी।