झारखंड वन विभाग में खाली पदों के कारण प्रभावित हो रहे कामकाज को सुचारू बनाने के लिए नौ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। नए आदेश से पश्चिमी सिंहभूम, चतरा, पाकुड़, रामगढ़, हजारीबाग, गिरिडीह, देवघर, दुमका और जामताड़ा समेत कई वन प्रमंडलों के कामकाज में तेजी आने की उम्मीद है।
झारखंड के वन विभाग में विभिन्न पदों के खाली रहने से प्रभावित हो रहे कार्यों को सुचारू बनाने के लिए नौ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रीय अधिकारियों से मिले सुझावों के बाद यह व्यवस्था लागू की है। इस से पश्चिमी सिंहभूम, चतरा, पाकुड़, रामगढ़, हजारीबाग, गिरिडीह, देवघर, दुमका और जामताड़ा सहित अनेक वन प्रमंडलों में प्रशासनिक कामकाज को गति मिलेगी।
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विभाग के नए आदेश के अनुसार अधिकारियों को अपने मूल दायित्वों के साथ आवंटित अतिरिक्त प्रक्षेत्रों तथा प्रमंडलों की जिम्मेदारियां भी निभानी होंगी। नियमित अधिकारियों की नई नियुक्ति किए जाने पर यह अस्थायी प्रभार स्वयं खत्म हो जाएगा। सरकार अथवा प्रधान मुख्य वन संरक्षक आवश्यकता के अनुसार इस व्यवस्था में फेरबदल भी कर सकते हैं। आदेश में सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे नया प्रभार ग्रहण करते ही इसकी लिखित सूचना तत्काल उच्च अधिकारियों को प्रेषित करें।
क्षेत्रीय अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
नई व्यवस्था के तहत नोवामुंडी वन प्रक्षेत्र के वन क्षेत्र पदाधिकारी जितेंद्र प्रसाद सिंह को चक्रधरपुर के सोंगर वन प्रक्षेत्र, कोटगढ़, कुंडलीगुटू और शोध एवं मूल्यांकन प्रक्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार मिला है। कोयना वन प्रक्षेत्र के वन क्षेत्र पदाधिकारी रामनन्दन राम को बेरोन वन प्रक्षेत्र, आनंदपुर, गुदड़ी तथा सारंडा वन प्रमंडल के संबंधित प्रक्षेत्रों का दायित्व दिया गया है। पाकुड़ के वन क्षेत्र पदाधिकारी बबलू कुमार देहरी को अमड़ापाड़ा और हिरणपुर वन प्रक्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कुजू के वन क्षेत्र पदाधिकारी देवेंद्र प्रसाद को सामाजिक वानिकी प्रक्षेत्र, विष्णुगढ़ और पेटरवार का काम दिया गया है।
सहायक वन संरक्षकों का नया पदस्थापन
सहायक वन संरक्षक सुरेश राम को दारू वन प्रक्षेत्र और हंटरगंज वन प्रक्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार मिला है। सहायक वन संरक्षक अनिल कुमार को चास वन प्रक्षेत्र तथा बोकारो वन प्रमंडल की कमान सौंपी गई है। सहायक वन संरक्षक कुमारी मित्ती कुमारी को देवघर प्रादेशिक प्रक्षेत्र के साथ-साथ मधुपुर और सारठ के सामाजिक वानिकी प्रक्षेत्र का दायित्व दिया गया है। दुमका के वन क्षेत्र पदाधिकारी लेखर राम रवि को हिजला पूर्वी वन प्रक्षेत्र तथा जामताड़ा के वन क्षेत्र पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार को शिकारीपाड़ा सामाजिक वानिकी प्रक्षेत्र व दुमका का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।