प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने झारखंड (Jharkhand) में एक कथित अवैध खनन (Illegal Mining) और जबरन वसूली (Extortion) मामले में जारी धनशोधन (Money Laundering) जांच के सिलसिले में गुरुवार को एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया। ईडी अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
दाहू यादव के सहयोगी बच्चू यादव (Bacchu Yadav) को पूछताछ के बाद हिरासत (Custody) में ले लिया गया है। पिछले महीने बच्चू यादव से जुड़े परिसरों में छापेमारी (Raid) की गई थी। दाहू यादव का संबंध झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Jharkhand CM Hemant Soren) के राजनीतिक सहयोगी पंकज मिश्रा से है। अधिकारियों ने कहा कि ईडी (Enforcement Directorate) द्वारा मामले में कार्रवाई शुरू करने के बाद से दाहू यादव भूमिगत हो गया है। ईडी ने इस मामले में मिश्रा को 19 जुलाई को गिरफ्तार किया था। अधिकारियों ने कहा कि बच्चू यादव को शुक्रवार को धनशोधन निवारण अधिनियम (Prevention of Money Laundering Act ) की विशेष अदालत (Special Court) में पेश किया जाएगा और ईडी उससे पूछताछ के लिए उसे उसकी हिरासत में भेजने का अनुरोध करेगा।
इस बीच, एजेंसी ने सोरेन के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद उर्फ पिंटू से दूसरे दिन शहर के हिनू इलाके में अपने क्षेत्रीय कार्यालय में पूछताछ की। अधिकारियों ने बताया कि प्रसाद को शुक्रवार को फिर से पेश होने को गया है। उससे बुधवार और बृहस्पतिवार को पूछताछ की गई थी।
ईडी की जांच तब शुरू हुई जब एजेंसी ने राज्य में अवैध खनन और जबरन वसूली के कथित मामलों से जुड़े मामले में झारखंड के साहिबगंज, बरहेट, राजमहल, मिर्जा चौकी और बरहरवा में 19 स्थानों पर आठ जुलाई को मिश्रा और उनके कथित सहयोगियों के घरों पर छापा मारा। ईडी ने मिश्रा और अन्य के खिलाफ मार्च में धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) का मामला दर्ज करने के बाद छापेमारी शुरू की थी। आरोप लगाया गया था कि उन्होंने "अवैध रूप से अपने पक्ष में बड़ी संपत्ति हड़प ली या जमा कर ली"।
पिछले महीने के अंत में ईडी ने अपनी जांच के सिलसिले में 30 करोड़ रुपये का एक अंतर्देशीय जलपोत जब्त किया था। एजेंसी ने एक बयान में कहा था कि साहिबगंज (झारखंड) के सुकरगढ़ घाट से बिना किसी परमिट के जहाज को अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था। ईडी ने कहा था कि ''राजेश यादव उर्फ दाहू यादव के कहने पर जहाज का संचालन पंकज मिश्रा और अन्य की मिलीभगत से अवैध रूप से खनन किए गए पत्थर के चिप्स और पत्थर के शिलाखंडों के परिवहन के लिए किया जा रहा था।''
19 जुलाई की छापेमारी के तुरंत बाद ईडी ने मिश्रा और दाहू यादव के 37 बैंक खातों में पड़े 11.88 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए थे। इसके अलावा, एजेंसी द्वारा 5.34 करोड़ रुपये की "बेहिसाब" नकदी भी जब्त की गई थी, जिसमें दावा किया गया था कि यह पैसा झारखंड में "अवैध खनन" से जुड़ा है। ईडी ने पांच स्टोन क्रशर जिन्हें "अवैध रूप से" संचालित किया जा रहा था और पांच "अवैध बन्दूक कारतूस" भी जब्त किए थे।
ईडी ने कहा था कि "जांच के दौरान एकत्र किए गए सबूत, जिसमें विभिन्न व्यक्तियों के बयान, डिजिटल साक्ष्य और दस्तावेज शामिल हैं, से पता चला है कि जब्त नकद / बैंक बैलेंस वन क्षेत्र सहित साहिबगंज क्षेत्र में बड़े पैमाने पर किए जा रहे अवैध खनन से प्राप्त हुआ है।"