झारखंड के दुमका में दो नाबालिगों की मौत के बाद सोरेन सरकार कानून व्यवस्था के सवाल पर घिरी हुई है। इस बीच हत्याकांडों की जांच के लिए दुमका पहुंचे राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, नाबालिग लड़कियों की हत्या के बाद राज्य सरकार जांच में बाधा डालने का प्रयास कर रही है।
दरअसल, सोमवार को कानूनगो दुमका पहुंचे थे। वह पेड़ से लटकाकर हत्या का शिकार हुई 14 वर्षीय आदिवासी लड़की के पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे। हालांकि, जब वह वहां पहुंचे तो घर पर मृतक लड़की के माता-पिता नहीं थे। आस-पास पूछताछ करने पर पता चला कि एक जीप में उनको बिठाकर कहीं ले जाया गया है। इसके बाद उन्होंने सरकार पर आरोप लगाए।
सरकार को दी गई थी दुमका यात्रा की जानकारी
कानूनगो ने कहा, उन्होंने यात्रा के बारे में सरकार को सूचित किया था, लेकिन जांच में सहायता के लिए आवश्यक व्यवस्था नहीं की गई। उन्होंने कहा, पीड़िता की मां ने दावा किया था कि उनकी बेटी यौन शोषण का शिकार हुई थी, जिसके बाद उसे मार दिया गया। कानूनगो ने कहा, मैं दो मामलों की जांच के लिए दुमका आया हूं। झारखंड सरकार को दौरे के बारे में बहुत पहले ही बता दिया गया था। एनसीपीसीआर की एक टीम पीड़ित परिवार से मिलना चाहती थी। कलेक्टर ने आने के बाद सहमति भी दी थी। हालांकि, उसके माता-पिता नहीं मिल सके। उन्होंने कहा, पड़ोसियों ने एनसीपीसीआर टीम को बताया कि कोई उन्हें कार में बैठाकर ले गया।
लड़की को आग के हवाले करने के मामले में उन्होंने कहा कि पुलिस की जांच में खामियां हैं। किसी उच्च एजेंसी को इसकी जांच करनी चाहिए। अगले सप्ताह तक हम अपनी रिपोर्ट पेश कर सकते हैं। डीएसपी आरोपियों की मदद कर रहे हैं। हम राज्य सरकार से कार्रवाई करने को कहेंगे। आरोपी के भाई ने पीड़िता के परिजनों को धमकी दी। पुलिस ने इस पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की है। हमने पुलिस से प्राथमिकी दर्ज करने और उसे गिरफ्तार करने का अनुरोध किया।
बाहरी ताकतों पर भी शक: कानूनगो
एनसीपीसीआर के प्रमुख प्रियांक कानूनगो ने दावा किया कि दुमका में एक नाबालिग लड़की की मौत के मामले में भारत के बाहर से सक्रिय तत्वों के हाथ होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। वह एक उच्च स्तरीय एजेंसी द्वारा घटना की जांच की सिफारिश करेंगे। दुमका में दो किशोरियों की अप्राकृतिक मौतों की जांच के लिए एनसीपीसीआर टीम के साथ आए कानूनगो ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार दूसरी नाबालिग के मामले में जांच में बाधा डालने की कोशिश कर रही है, जिसके साथ कथित तौर पर शादी के बहाने बलात्कार किया गया था। दोनों मामलों में कुल तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
अंकिता की जलाकर हुई थी हत्या
इससे पहले दुमका में ही एक और नाबालिग लड़की अंकिता की हत्या कर दी गई थी। उसे पेट्रोल छिड़ककर आग के हवाले कर दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने आरोपी शाहरुख को गिरफ्तार किया था। शाहरुख के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।