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Jharkhand: झारखंड मुक्ति मोर्चा की कमान सीएम हेमंत सोरेन के हाथों में, सर्वसम्मति से चुने गए पार्टी अध्यक्ष

Tue, 15 Apr 2025 09:16 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

Jharkhand Mukti Morcha: झारखंड मुक्ति मोर्चा यानी झामुमो के 13वें केंद्रीय महाधिवेशन में सीएम हेमंत सोरेन को सर्वसम्मति से पार्टी का नया अध्यक्ष चुना गया है। बता दें कि यह महाधिवेशन राजधानी रांची के खेलगांव स्थित हरिवंश टाना भगत स्टेडियम में हुआ।
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हेमंत सोरेन सर्वसम्मति से चुने गए पार्टी अध्यक्ष - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने मंगलवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को झामुमो का नया अध्यक्ष चुना। शिबू सोरेन, जो पार्टी के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे थे, अब झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के 13वें महाधिवेशन में पार्टी के 'संस्थापक संरक्षक' चुने गए हैं।

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बता दें कि यह निर्णय रांची में आयोजित झामुमो के 13वें केंद्रीय अधिवेशन में लिया गया। अब तक हेमंत सोरेन कार्यकारी अध्यक्ष थे। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) एक क्षेत्रीय पार्टी है और झारखंड में सत्ता में है। यह केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाले भारत गठबंधन और झारखंड में झामुमो के नेतृत्व वाले महागठबंधन का हिस्सा है। झामुमो ने हाल ही में संपन्न झारखंड विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की और इसके बाद अपने सहयोगी कांग्रेस, राजद और वाम दलों के साथ मिलकर सरकार बनाई।

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झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने 34 सीटें जीतीं, जबकि उसके सहयोगियों ने 22 सीटें जीतीं। JMM के सहयोगियों में कांग्रेस ने 16 सीटें, राजद ने चार सीटें और CPI-ML ने दो सीटें जीतीं। भाजपा ने 21 सीटें जीतीं, और उसके सहयोगी आजसू, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और जेडी-यू ने एक-एक सीट जीती।



गौरतलब है कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कथित भूमि घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद पार्टी ने कई उतार-चढ़ाव देखे थे, जिसके बाद उन्होंने पद छोड़ दिया और उसके बाद चंपई सोरेन को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया।
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कथित भूमि घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में झारखंड उच्च न्यायालय से जमानत मिलने के बाद हेमंत सोरेन करीब पांच महीने बाद 28 जून, 2024 को बिरसा मुंडा जेल से रिहा हुए। 8 जुलाई, 2024 को उन्होंने तीसरी बार झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इस कदम के बाद चंपई सोरेन ने चुनाव शुरू होने से ठीक पहले झामुमो से इस्तीफा दे दिया और भाजपा में शामिल हो गए। 31 जनवरी को गिरफ्तारी से पहले सोरेन ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्हें जनवरी में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित भूमि घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित आरोपों में गिरफ्तार किया था।

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