झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
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भारत में कोरोना महामारी अब भी जमकर कहर बरसा रही है। हर शहर, हर राज्य में रोजोना बड़ी संख्या में कोविड मरीज सामने आ रहे हैं, लेकिन कई राजनीतिक पार्टियां और सामाजिक कार्यकर्ता केंद्र व राज्य सरकारों पर कोरोना के आंकड़ों को छुपाने का आरोप लगा रहे हैं। हालांकि, इसके उलट झारखंड सरकार द्वारा दिए गए आंकड़ों में कोरोना के मामले काफी अधिक हैं। राज्य में कोविड से हो रही लोगों की मौत की संख्या भी अधिक है। इस बारे में जब राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बात की गई तो उन्होंने बड़ा बयान दे दिया। दरअसल सोरेन ने कहा, ‘हम आंकड़ों से छेड़छाड़ नहीं करते, इसलिए हमारे यहां कोरोना के केस अधिक दिख रहे हैं।
बता दें, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार (23 मई) को एक बैठक के दौरान कहा, ‘हमनें आंकड़ों में कोई घालमेल नहीं किया है। संख्या में कोई फर्जीवाड़ा नहीं किया गया है। हमने अस्पतालों में हुई मौतों और श्मशानों के सही आंकड़े दिए हैं और इसी कारण हमारे यहां संक्रमितों की संख्या ज्यादा है। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए हमने सही समय पर सही दिशा में कदम उठाए हैं।’ मुख्यमंत्री सोरेन ने अधिकारियों, अस्पतालों के प्रमुखों और डॉक्टरों के साथ हो रही एक बैठक में कहा कि हमें कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए इससे निपटने के लिए पहले से ही तैयार रहना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि राज्य में आंशिक लॉकडाउन से संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद मिली है।
कोविड कार्यबल को मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
जानकारी के अनुसार सोरेन सरकार ने प्रदेश के सभी 260 प्रखंडों में कोविड-19 की जांच तेज करने के लिए कोविड कार्यबल का गठन किया है। इस कार्यबल को कोविड मरीजों के बीच आवश्यक वस्तुओं के किट का वितरण, एंबुलेंस उपलब्ध कराने और कोविड से संक्रमित मृतकों के शवों का वैज्ञानिक तरीके से अंतिम संस्कार करने की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए झारखंड में स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। रांची के सदर अस्पताल में 40 ऑक्सीजन युक्त बेड और 20 आईसीयू बेड तैयार किए जा रहे हैं।