झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को राज्य में विपक्ष पर 2019 में गठन के बाद से उनकी सरकार को गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। बोकारो में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने ये दावा किया। भाजपा का बिना नाम लिए उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार को सुचारू रूप से काम करने से रोकने के लिए बाधाएं पैदा कर रहा है।
गौरतलब है कि झारखंड की डुमरी विधानसभा सीट पर पांच सितंबर को उपचुनाव होना है। ऐसे में भाजपा और सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) दोनों इस सीट पर जीत हासिल करने के उद्देश्य से चुनावी प्रचार में लगे हैं। इसी क्रम में अपनी पार्टी की उम्मीदवार बेबी देवी के लिए वोट मांगने के लिए सीएम सोरेन बोकारो जिले के चंद्रपुरा ब्लॉक के अंतर्गत तेलो गांव में पहुंचे थे।
यहां कोचाटांड़ मैदान में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कभी वे (विपक्ष) विधायकों की खरीद-फरोख्त की खबरें लाते हैं और कभी-कभी वे सीबीआई और ईडी छापों के माध्यम से लोगों को गुमराह करते हैं। वे ऐसा इसलिए कर रहे हैं ताकि सरकार अपना काम न कर सके। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि ऐसी परिस्थितियों के बावजूद, राज्य सरकार लोगों के कल्याण के लिए अच्छा प्रदर्शन कर रही है।
अपने संबोधन में भाजपा का नाम लिए बिना सोरेन ने विपक्ष पर 1932 की खतियान-आधारित अधिवास नीति और ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण को लागू करने में राजनीतिक बाधाएं पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एकल इंजन वाली सरकार होने के नाते, हमने अधिवास नीति के कार्यान्वयन और ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण के लिए विधेयक पारित किया है। लेकिन, विपक्ष ने बाधाएं पैदा कीं।
उन्होंने दावा किया कि जब झारखंड बिहार से अलग हुआ तो ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण था, लेकिन विपक्ष ने आरक्षण को 27 प्रतिशत से घटाकर 14 प्रतिशत कर दिया।